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संसद का विशेष सत्र: महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा

आज से संसद का विशेष तीन-दिवसीय सत्र आरंभ हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा की जाएगी। इस सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। जानें इस सत्र का महत्व और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 

संसद का विशेष सत्र शुरू


आज से संसद का एक विशेष तीन-दिवसीय सत्र आरंभ हो रहा है। इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा करने की योजना बना रही है, जिनमें महिला आरक्षण विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक शामिल हैं। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है, क्योंकि विपक्षी दल इन प्रस्तावों का विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके चलते संसद में प्रदर्शन भी देखने को मिल सकता है।


सूत्रों के अनुसार, सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 पेश करने जा रही है। इस योजना के तहत लोकसभा में सीटों की संख्या को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का प्रस्ताव है, जिसमें 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित की जाएंगी। यह बदलाव महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जो 2029 के आम चुनावों से प्रभावी होगा।


इसके अलावा, स्टालिन ने परिसीमन प्रक्रिया के खिलाफ 16 अप्रैल को पूरे राज्य में काले झंडे फहराकर विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि सीटों में वृद्धि निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और इसका किसी भी क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में अपनी बात रखेंगे।