संसद के मानसून सत्र में हंगामे का पहला सप्ताह
संसद में हंगामे की शुरुआत
संसद का मानसून सत्र अपने पहले सप्ताह में ही हंगामे का शिकार हो गया। इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण चर्चा नहीं हो पाई। शुक्रवार को, जो कि सत्र का अंतिम कार्य दिवस था, राज्यसभा में वंदे मातरम के अपमान को अपराध बनाने से संबंधित एक विधेयक पेश किया गया। पिछले पांच दिनों से, नीट पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों और परिसर में प्रदर्शन किया।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि भाजपा और एनडीए के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
इस बीच, पेपर लीक से लेकर नारी शक्ति वंदन और परिसीमन तक के विधेयकों पर चर्चा होनी थी, लेकिन पत्रकारों ने अमित शाह की धोती और राहुल गांधी के जूते पर सवाल पूछे। दरअसल, प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी का जूता खो गया था, जिसके बारे में उन्होंने अगले दिन संसद में पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। अन्य मुद्दों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।
इसी तरह, जब अमित शाह धोती कुर्ता पहनकर संसद पहुंचे, तो पत्रकारों ने उनके नए लुक के बारे में सवाल किया, यह जानने की कोशिश की कि उनकी धोती असम या ओडिशा शैली की है। किसी ने भी जंतर मंतर के आंदोलन, पेपर लीक या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बारे में सवाल नहीं पूछा।