संसद के मानसून सत्र में हंगामे के बीच विशेष सत्र की तैयारी
संसद में हंगामा और विशेष सत्र की घोषणा
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का तीसरा हफ्ता भी हंगामे की भेंट चढ़ गया है। विपक्ष के लगातार विरोध के कारण किसी भी विधेयक पर चर्चा नहीं हो पा रही है। इस बीच, सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दों पर चर्चा के लिए 16 से 18 अगस्त को एक विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल में भी इसी तरह का एक विशेष सत्र आयोजित किया गया था, लेकिन उस दौरान संविधान संशोधन का विधेयक पारित नहीं हो सका था।
विशेष सत्र की योजना के बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से सहयोग की अपील की। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और प्रियंका गांधी वाड्रा से भी चर्चा की। उन्होंने कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी बात की, ताकि संसद के सुचारू संचालन और आवश्यक विधेयकों को पारित कराने में सहयोग मिल सके।
जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके कारण सदन को स्थगित करना पड़ा। इसके बाद, किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के चैम्बर में जाकर उनसे सहयोग मांगा। हालांकि, राहुल ने स्पष्ट रूप से कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और छात्रों पर की गई कार्रवाई के मामले में अमित शाह का बयान आने तक विपक्ष का हंगामा जारी रहेगा।
महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बताया कि किरेन रिजिजू ने इस विषय पर उनसे चर्चा की और विचार करने के लिए कहा। इससे पहले, विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे।
विपक्ष के हंगामे के बीच, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक राज्यसभा में पारित हो गया है। इसे तीन अगस्त को लोकसभा से मंजूरी मिली थी। इसके अलावा, लोकसभा ने बुधवार को बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 को भी मंजूरी दी, जो 1891 के पुराने कानून की जगह लेगा। इस नए कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंकों के डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड अदालत में वैध सबूत माने जाएं।