संसद में ई-सिगरेट विवाद: लोकसभा अध्यक्ष ने की कार्रवाई की चेतावनी
संसद की गरिमा पर उठे सवाल
नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन की गरिमा को लेकर बहस एक बार फिर गरमाई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद पर ई-सिगरेट के उपयोग के आरोपों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है और इसके बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। स्पीकर ने सांसदों से सदन में अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
सदन में अनुशासन की आवश्यकता
सोमवार को ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि संसद की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सदन में अनुशासन बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ संसदीय प्रक्रियाओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। बिरला ने यह भी बताया कि जांच प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही मामला समिति के पास भेजा जाएगा।
विवाद की शुरुआत
यह विवाद संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान उत्पन्न हुआ। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। ठाकुर ने आरोप लगाया कि कीर्ति आजाद सदन में ई-सिगरेट का उपयोग कर रहे थे, जो कई सदस्यों ने देखा।
अनुराग ठाकुर की शिकायत का विवरण
अपनी लिखित शिकायत में, अनुराग ठाकुर ने इस घटना को संसदीय आचरण का गंभीर उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि संसद की गरिमा पर भी सवाल उठाता है। ठाकुर ने इस मुद्दे को सीधे अध्यक्ष के संज्ञान में लाने की बात भी कही, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
ई-सिगरेट पर प्रतिबंध
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत में ई-सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध है। 2019 के कानून के तहत इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन पर रोक लगी हुई है। ऐसे में संसद भवन में इसका कथित उपयोग कानून और नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
राजनीतिक हलचल और वायरल वीडियो
भाजपा नेता अमित मालवीय ने एक 35 सेकंड का वीडियो साझा किया, जिसमें कीर्ति आजाद को लोकसभा में धूम्रपान जैसी हरकत करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में आजाद अपने दाहिने हाथ को मुंह की ओर ले जाते हुए नजर आते हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।