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संसद में ऐतिहासिक दिन: विपक्ष ने महिला आरक्षण विधेयक को गिराया

आज संसद में एक ऐतिहासिक दिन रहा, जब विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ने महिला आरक्षण विधेयक को गिरा दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे संविधान और लोकतंत्र की जीत बताया। जानें नेताओं ने क्या कहा और इस घटना का राजनीतिक महत्व क्या है।
 

विपक्ष की एकजुटता से गिरा महिला आरक्षण विधेयक


  1. नई दिल्ली। आज संसद में एक महत्वपूर्ण घटना घटी, जब विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ने मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत संशोधन विधेयक को असफल कर दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे संविधान और लोकतंत्र की जीत बताया और सरकार पर तीखा हमला किया।


कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सरकार ने महिलाओं के नाम पर संविधान का उल्लंघन करने का असंवैधानिक रास्ता अपनाया, लेकिन विपक्ष ने इसे विफल कर दिया। उन्होंने कहा, 'भारत ने देखा और 'INDIA' ने इसे रोक दिया। जय संविधान।'


प्रियंका गांधी का बयान: खोखले प्रयास का नाकाम होना


प्रियंका गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिला आरक्षण देश की महिलाओं का अधिकार है, जिसे कोई भी नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण महिलाओं का हक है, जो किसी भी कीमत पर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महिलाओं का मसीहा बनने का प्रयास आज विफल हो गया। आज विपक्ष ने अपनी एकता और दृढ़ता से भारत के लोकतंत्र की रक्षा की है।


भारत की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक माना जाएगा। आज से देश की आवाज़ को दबाने का प्रयास समाप्त होगा। मैं सभी विपक्षी सांसदों का दिल से धन्यवाद करती हूं, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि यदि ये तीन विधेयक पारित होते, तो हमारे लोकतंत्र का अस्तित्व संकट में पड़ जाता। हमने अपनी शक्ति का सही उपयोग करते हुए देश के हित में अपने कर्तव्यों का पालन किया है।


मल्लिकार्जुन खड़गे: मोदी-शाह की नीयत पर सवाल


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी-शाह ने देश की आधी आबादी को ढाल बनाकर संघीय ढांचे और संविधान पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने मांग की कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के तहत महिलाओं को 33% आरक्षण 2029 के चुनावों से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की असली परीक्षा होगी। 'INDIA' गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि वे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किसी भी मोर्चे पर पीछे नहीं हटेंगे।