संसद में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का मुद्दा, जवाबदेही की मांग
संसद में हंगामा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग का मामला सोमवार को संसद में चर्चा का विषय बना। विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को रोकना पड़ा।
पेपर लीक से संबंधित विधेयक पर चर्चा
सोमवार को लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' पर चर्चा होने की संभावना है। इस विधेयक में परीक्षा से संबंधित गड़बड़ियों और पेपर लीक के लिए कठोर सजा का प्रावधान है।
SC संशोधन बिल पर विचार
इसके अलावा, लोकसभा 'सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अमेंडमेंट बिल, 2026' पर भी चर्चा करेगी। यह विधेयक उस अध्यादेश का स्थान लेगा, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की गई थी। सोमवार के निर्धारित कार्यसूची में समिति की रिपोर्ट, मंत्रियों के बयान और नियम 377 के तहत मामलों पर भी चर्चा होगी।
बल प्रयोग पर जवाबदेही की मांग
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही की मांग की। नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
प्रमोद तिवारी ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' पर सवाल उठाते हुए कहा, "क्या नरेंद्र मोदी 12 साल तक सोते रहे? उनकी सरकार ने इसे पहले क्यों नहीं लाया? आज युवाओं पर जुल्म का सवाल है। मोदी सरकार ने ऐसा किया है जो अंग्रेजों ने भी नहीं किया था। पहले इसका जवाब दें। उन्हें राहुल गांधी के पत्र का जवाब देना चाहिए... क्या हम ऐसी दोषी सरकार को माफ कर देंगे और उनसे जवाब नहीं मांगेंगे?"