×

संसद में विपक्ष का नुक्कड़ नाटक, अमित शाह की अनुपस्थिति पर उठे सवाल

नई दिल्ली में विपक्षी दलों ने मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में राममंदिर चढ़ावे की चोरी को लेकर एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी भी शामिल हुए। भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जबकि विपक्ष ने अमित शाह की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और संसद में चल रहे हंगामे के बारे में।
 

संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन


नई दिल्ली में, विपक्षी दलों ने शुक्रवार को मानसून सत्र के दूसरे हफ्ते के अंतिम कार्य दिवस पर संसद परिसर को नुक्कड़ नाटक का मंच बना दिया। सांसदों ने राममंदिर चढ़ावे की चोरी को एक नाटक के माध्यम से दर्शाया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु के रूप में भगवा कपड़े पहनकर दान पेटी के साथ बैठे थे, जिसमें अन्य सांसद पैसे डालते रहे। अंत में, पप्पू यादव दान पेटी लेकर भाग गए।


इस नाटक में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए और उन्होंने भी दान पेटी में चंदा डाला। भाजपा ने इस प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, और सोशल मीडिया पर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों की आलोचना हो रही है। आरोप लगाया जा रहा है कि विपक्ष साधु संतों की छवि को धूमिल कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिनों से समाजवादी पार्टी के सांसद संसद परिसर में दान पेटी रखकर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मुद्दा उठा रहे थे।


इसके अलावा, विपक्षी सांसदों ने अमित शाह की अनुपस्थिति का मुद्दा भी उठाया। कई सांसदों ने बैनर लिए हुए थे, जिन पर लिखा था ‘अमित शाह संसद से गायब क्यों’? बुधवार को लोकसभा में पेपर लीक बिल पास होने के बाद से हंगामा फिर से शुरू हो गया। शुक्रवार की सुबह कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा हुआ, जिसके कारण कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।


जब लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे फिर से शुरू हुई, तो जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026 ध्वनि मत से पास हुआ। वहीं, राज्यसभा में भी शुक्रवार को हंगामा देखने को मिला। इससे पहले गुरुवार को पेपर लीक बिल राज्यसभा से पास किया गया था। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा को तीन अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया।


कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के संसद में दिए गए बयान पर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया। डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा था कि जंतर मंतर और संसद मार्च में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग नहीं हुई थी, जबकि विपक्ष का दावा है कि फायरिंग हुई थी। इस पर कांग्रेस ने विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया है। शुक्रवार को संसदीय कार्य मंत्री कीरेन रिजिजू ने विपक्ष से कहा, ‘हम चाहते हैं कि भविष्य में ऐसा न हो। आप चर्चा में शामिल नहीं होते और बाहर जाकर कहते हैं कि सरकार चर्चा नहीं कराती। अगला बिल लेकर आएंगे और आप हंगामा करेंगे तो अच्छा नहीं होगा। चर्चा करें, हंगामा ना करें’.