संसद में हंगामे के बीच पीएम मोदी का भाषण टला, राहुल गांधी ने किया तीखा हमला
संसद में फिर से हंगामा
नई दिल्ली: संसद के सत्र में बुधवार को एक बार फिर से भारी हंगामा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का उत्तर देना था, लेकिन विपक्ष के तीव्र विरोध के कारण उनका भाषण नहीं हो सका। सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः इसे दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और संसद परिसर में प्रधानमंत्री पर तीखे हमले किए, जिससे राजनीतिक माहौल और गरम हो गया है.
विपक्ष का हंगामा
जैसे ही संसद की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। सुबह 11 बजे, अध्यक्ष ओम बिरला ने स्थिति को देखते हुए सदन को 12 बजे तक स्थगित कर दिया। इसके बाद भी हंगामा जारी रहा और दोपहर दो बजे विपक्षी सदस्य बैनर लेकर आसन के सामने आ गए। शाम पांच बजे पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने कार्यवाही फिर से शुरू की, लेकिन शोर-शराबे के बीच कोई कामकाज नहीं हो सका। विपक्षी सदस्यों ने आसन के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी का पीएम मोदी पर कड़ा प्रहार
प्रधानमंत्री का संबोधन टलने के बाद, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संसद में आने से डर रहे हैं क्योंकि वे सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते। राहुल ने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि पीएम नहीं आएंगे और आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जो लोकतंत्र और जनता के लिए ठीक नहीं है।
जनरल नरवणे की किताब पर विवाद
विवाद की जड़ पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब 'फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी' है। राहुल गांधी इस किताब की एक प्रति लेकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सरकार इस किताब के अस्तित्व को नकार रही है, जबकि यह विदेश में प्रकाशित हो चुकी है। राहुल ने कहा कि वे यह पुस्तक प्रधानमंत्री को भेंट करना चाहते थे ताकि उसमें लिखी बातों पर सदन में चर्चा की जा सके, लेकिन उन्हें संसद के भीतर इसके अंश उद्धृत करने से रोका गया।
'जो उचित लगे वो करो' वाला विवादित उद्धरण
राहुल गांधी ने कहा कि जनरल नरवणे की पुस्तक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी एक महत्वपूर्ण लाइन लिखी है, जिसमें कथित तौर पर 'जो उचित समझो, वो करो' कहा गया है। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि इस किताब के उद्धरणों पर चर्चा करने से रोकने के लिए पिछले तीन दिनों से सदन की कार्यवाही में बाधा डाली जा रही है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर राहुल गांधी को सदन के भीतर बोलने न देने का आरोप लगाया है।