सऊदी अरब की आर्थिक चुनौतियाँ: क्या है भविष्य?
सऊदी अरब की आर्थिक स्थिति
पाकिस्तान के साथ बढ़ती नजदीकियों का असर सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने पाकिस्तान का समर्थन किया, जिसके परिणामस्वरूप वहां महंगाई बढ़ी। इसी तरह, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी पाकिस्तान के साथ संबंध मजबूत किए, और अब बांग्लादेश आईएमएफ के सामने आर्थिक सहायता के लिए खड़ा है। क्या अब यही संकट सऊदी अरब पर भी आ गया है? सऊदी अरब, जो अपने विशाल तेल भंडार के लिए जाना जाता था, अब $8 बिलियन का नया ऋण खोज रहा है ताकि वह अपने पुराने कर्जों का भुगतान कर सके।
सच्चाई यह है कि सऊदी अरब का राष्ट्रीय ऋण प्रबंधन केंद्र अब बड़े बैंकों से सहायता मांग रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब को 2026 तक कुल 58 बिलियन डॉलर की वित्तीय आवश्यकता होगी, जिसमें से 14 बिलियन डॉलर पुराने ऋणों के मूलधन के भुगतान के लिए चाहिए। यह स्थिति 'पाकिस्तानी मॉडल' की तरह है, जहां कमाई इतनी कम हो जाती है कि पुराने कर्जों का ब्याज भी चुकाना मुश्किल हो जाता है।
सऊदी अरब की वित्तीय चुनौतियाँ
सऊदी अरब की आर्थिक स्थिति 2026 में और भी गंभीर हो सकती है। एक और समस्या जो सामने आ रही है, उसे 'क्राउडिंग आउट इंपैक्ट' कहा जाता है। सऊदी के बैंकों का उद्देश्य व्यापारियों और निजी क्षेत्र को वित्तीय सहायता प्रदान करना था, लेकिन अब सरकार इन बैंकों के संसाधनों का उपयोग अपने खर्चों के लिए कर रही है। परिणामस्वरूप, सऊदी अरब का निजी क्रेडिट ग्रोथ गिरकर 5% के करीब आ गया है।
एमबीएस का सपना था कि 'विजन 2030' के तहत निजी क्षेत्र अर्थव्यवस्था में 65% योगदान देगा, लेकिन जब निजी क्षेत्र के पास धन नहीं होगा, तो विकास कैसे संभव होगा? जब युद्ध के दौरान तेल की कीमतें $126 प्रति बैरल थीं, तब सऊदी का तेल निर्यात आधा रह गया। अब जब युद्ध कुछ शांत हुआ है, तो सऊदी ने बाजार में तेल उतारा, लेकिन कीमतें गिरकर $70 पर आ गईं।
सऊदी अरब का सामाजिक अनुबंध
सऊदी अरब एक ऐसी स्थिति में है जहां उसकी तेल आधारित अर्थव्यवस्था संकट में है। क्या इस स्थिति का विद्रोह होगा? सऊदी अरब में एक अनकहा नियम है कि सरकार जनता को धन, सब्सिडी और सुविधाएँ प्रदान करती है, और इसके बदले में जनता राजा के खिलाफ आवाज नहीं उठाती। इसे 'सोशल कॉन्ट्रैक्ट' कहा जाता है। लेकिन अब जब धन की कमी हो रही है, तो एमबीएस ने अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर ब्रेक लगा दिया है।