समाजवादी पार्टी के सांसद ने भगवान राम को बताया समाजवादी, बीजेपी पर साधा निशाना
वीरेंद्र सिंह का विवादास्पद बयान
चंदौली। समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि यदि भगवान राम राजा होते, तो वे राजाओं की मदद लेते, क्योंकि उनके ससुर जनक राजा थे और उनके पिता दशरथ भी एक चक्रवर्ती राजा थे। लेकिन उन्होंने बड़े लोगों का सहयोग नहीं लिया, बल्कि वनवासियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राम के विचार समाजवादी थे, क्योंकि उन्होंने सबरी के बेर खाए और निषादों का समर्थन लिया। ऐसे व्यक्ति जो समाज के वंचितों को मित्र बनाते हैं, वे समाजवादी होते हैं।
सांसद ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भगवान राम की समर्थक है। जब राम वनवास से लौटे, तो वे राजा बने, लेकिन बीजेपी जैसे लोगों ने उनकी छवि को गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने माता सीता की चुगली की और उन्हें घर से बाहर निकलवाया। वीरेंद्र सिंह का यह बयान यूपी की राजनीति में हलचल मचा रहा है।
सपा के बीएलओ सम्मान समारोह में बोलते हुए, वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भगवान राम फासिस्ट नहीं, बल्कि समाजवादी थे। उन्होंने आदिवासियों, दलितों और वंचित वर्ग के लोगों से मदद ली, जो उनके समाजवादी दृष्टिकोण को दर्शाता है।
बीजेपी पर कटाक्ष
उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके सदस्यों ने माता सीता को घर से बाहर निकलवाने में मदद की। यह बयान रामायण की घटनाओं को राजनीतिक संदर्भ में पेश करने के कारण विवाद का विषय बन गया है और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
केशव प्रसाद मौर्य पर भी निशाना
कार्यक्रम में, वीरेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि मौर्य सिराथू से समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं और अखिलेश यादव तय करेंगे कि उन्हें पार्टी में शामिल किया जाए या नहीं। यह बयान तब आया है जब मौर्य ने हाल ही में कहा था कि कई सपा विधायक बीजेपी में शामिल होने के लिए उनके संपर्क में हैं। वीरेंद्र सिंह ने इसे पलटवार बताते हुए कहा कि इसी तरह के बयानों के कारण मौर्य सिराथू से चुनाव नहीं जीत पाए और अब उन्हें फिर से चुनाव लड़ना पड़ रहा है।