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समाजवादी पार्टी में टूट की आशंका: ओपी राजभर का बड़ा दावा

ओपी राजभर, जो सुभासपा के अध्यक्ष हैं, ने समाजवादी पार्टी में संभावित टूट का दावा किया है। उन्होंने कहा कि कई सपा सांसद बगावत कर सकते हैं। उनके बेटे अरुण राजभर ने भी स्वीकार किया कि उनकी पार्टी के चार विधायक सपा का झंडा लेकर चल रहे हैं। इस स्थिति पर पत्रकारों के साथ हुई चर्चा में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया। जानें इस राजनीतिक हलचल के पीछे की सच्चाई और क्या है आगे की संभावनाएं।
 

समाजवादी पार्टी में बगावत की संभावना


लखनऊ। सुभासपा के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर इन दिनों समाजवादी पार्टी (सपा) में संभावित टूट के दावे को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने कहा है कि सपा के कई सांसद बगावत कर सकते हैं, जिससे पार्टी में बड़ा विभाजन हो सकता है। इस बीच, उनके बेटे और सुभासपा के प्रवक्ता अरुण राजभर ने एक टीवी डिबेट में स्वीकार किया कि उनके 7 में से 4 विधायक सपा का झंडा लेकर चल रहे हैं। यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है।


एक कार्यक्रम के दौरान, पत्रकार ने अरुण राजभर से सवाल किया कि ओपी राजभर सपा को तोड़ने की बात कर रहे हैं, जबकि उनकी पार्टी के विधायक सपा का झंडा लेकर घूम रहे हैं। इस पर अरुण ने कहा कि पार्टी के 6-7 विधायक हैं, जिनमें से चार विधायक सपा का झंडा लेकर चल रहे हैं। पत्रकार ने इस पर तंज करते हुए कहा कि तो आपकी पार्टी खुद ही टूट गई है।


अरुण राजभर ने कहा कि यह जानकारी सार्वजनिक है। 2022 में सपा ने कई प्रत्याशी भेजे थे, और कहा था कि यदि ये जीतते हैं तो हमारे पास रहेंगे। इसी तरह, सपा में भी उनके उम्मीदवार हैं। आपको बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा के 6 विधायक जीते थे, जिनमें से कई सपा के खेमे में सक्रिय हैं। केवल 2-3 विधायक ही सुभासपा के साथ हैं। ओपी राजभर वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।


2022 के चुनाव में सुभासपा के जिन प्रत्याशियों ने जीत हासिल की, उनमें ओपी राजभर (जहूराबाद), बेदीराम (जखनियां), हंसू राम (बिल्थरारोड), अब्बास अंसारी (मऊ सदर), राम नरेश राजभर (जफराबाद) और डॉ. महेन्द्र राजभर शामिल हैं। हाल ही में ओपी राजभर ने कहा था कि सपा में बड़ी टूट होना तय है। उन्होंने यह भी कहा कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है।


उन्होंने ट्वीट में कहा कि खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इन घोटालों का मास्टरमाइंड कौन है, यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। उन्होंने कहा कि सपा अब भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी दावा किया कि सपा में जल्द ही बड़ी टूट होगी, जिसमें 20 से 25 सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। इस बीच, निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने भी कहा कि सपा के करीब दो दर्जन सांसद उनके संपर्क में हैं।