सीजेपी का नया अभियान: बेरोजगारी और शिक्षा सुधार पर ध्यान केंद्रित
सीजेपी की नई कार्यकारिणी का गठन
मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि वे राजनीतिक पार्टी का गठन नहीं करेंगे। हाल ही में संभाजीनगर में आयोजित दो दिवसीय बैठक के बाद, उन्होंने सीजेपी की 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया। दीपके ने यह भी बताया कि सीजेपी झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेगी और इस आंदोलन को समर्थन प्रदान करेगी।
उन्होंने बताया कि पार्टी सितंबर में 'क्या बोलती पब्लिक' नामक एक अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के तहत, वे युवाओं से संवाद करने के लिए गांवों और शहरों में जाएंगे।
बैठक के परिणामस्वरूप, अभिजीत दीपके को संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक के रूप में नियुक्त किया गया है। सह संयोजक के रूप में आशुतोष रांका और सौरव दास को चुना गया है। अजिंक्य शिंदे को राष्ट्रीय प्रभारी और दीपक बालियान को सह प्रभारी बनाया गया है। आफरीन नवाज को राष्ट्रीय सचिव का पद सौंपा गया है।
दीपके ने कहा, 'हम बेरोजगारी और महंगी शिक्षा को प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाएंगे। बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है, और इसे एक राष्ट्रीय मुद्दा बनाया जाएगा। हम शिक्षा सुधारों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे, क्योंकि शिक्षा को लाभ कमाने का साधन बना दिया गया है।'
सीजेपी का पूर्व प्रदर्शन
सीजेपी ने 20 जून से 25 जुलाई तक नीट यूजी पेपर लीक के खिलाफ धरना दिया था। यह धरना तब समाप्त हुआ जब तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। दीपके ने कहा कि सीजेपी चुनावी राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक संस्थानों और शासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावशाली जन दबाव समूह के रूप में कार्य करेगी।