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सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सज़ा, अदालत का ऐतिहासिक फैसला

दमिश्क की अदालत ने सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को जानबूझकर हत्या के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई है। यह फैसला असद के खिलाफ सीरिया के अंतरिम अधिकारियों द्वारा सुनाई गई पहली मौत की सज़ा है। अदालत ने असद को 13 वर्षों से चल रहे गृह युद्ध से जुड़े गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया। इस लेख में जानें कि कैसे असद का शासन समाप्त हुआ और उनके खिलाफ उठाए गए कदमों का क्या प्रभाव पड़ा।
 

सीरिया में बशर अल-असद को सुनाई गई मौत की सज़ा

दमिश्क की एक आपराधिक अदालत ने सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को जानबूझकर हत्या के आरोप में उनकी अनुपस्थिति में मौत की सज़ा सुनाई है। इसके साथ ही, दक्षिणी सीरिया के डेरा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा के पूर्व प्रमुख आतिफ़ नजीब को भी इसी तरह के आरोपों में मौत की सज़ा दी गई। टाइम्स ऑफ़ इज़राइल के अनुसार, यह फैसला असद के खिलाफ सीरिया के अंतरिम अधिकारियों द्वारा सुनाई गई पहली मौत की सज़ा है। इन अधिकारियों ने इस वर्ष असद की पूर्व सरकार से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।


असद पर लगे गंभीर आरोप

अदालत के निर्णय के अनुसार, असद को 13 वर्षों से चल रहे गृह युद्ध से संबंधित आरोपों में दोषी ठहराया गया है। इस मामले को "युद्ध अपराध" और "मानवता के खिलाफ अपराध" से भी जोड़ा गया है। दिसंबर 2024 में, जब हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के नेतृत्व में विपक्षी सेनाएँ दमिश्क की ओर बढ़ीं, तब असद अपने परिवार के साथ सीरिया से भाग गए और रूस में शरण ली।


असद का शासन समाप्त

HTS के नेतृत्व में विपक्षी सेनाओं ने उत्तर-पश्चिमी प्रांत इदलिब से हमला शुरू किया और 8 दिसंबर 2024 को दमिश्क पहुँच गईं, जिससे असद परिवार का पांच दशकों से अधिक समय से चला आ रहा शासन समाप्त हो गया। इसके बाद असद को सत्ता से हटा दिया गया। अहमद अल-शरा, जिन्होंने असद को हटाने वाले हमले का नेतृत्व किया, बाद में सीरिया के अंतरिम प्रशासन के प्रमुख बने और उन्होंने असद के शासन में हुए अत्याचारों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने का वादा किया।


अल-शरा का संयुक्त राष्ट्र में संबोधन

अल-शरा लगभग 60 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने वाले पहले सीरियाई नेता बने, जहाँ उन्होंने सीरिया पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की मांग की।


असद का पहला सार्वजनिक बयान

ट्रंप प्रशासन ने हयात तहरीर अल-शाम (HTS) को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' की श्रेणी से हटा दिया। इस संगठन ने अल-शरा के नेतृत्व में उस आंदोलन का नेतृत्व किया था, जिसके कारण असद को सत्ता से हटना पड़ा। सीरिया छोड़ने के बाद, असद ने अपना पहला सार्वजनिक बयान जारी किया, जिसे सीरियाई राष्ट्रपति कार्यालय के टेलीग्राम चैनल पर प्रकाशित किया गया।


असद का बयान

असद ने यह स्पष्ट किया कि उनके जाने की योजना पहले से नहीं बनाई गई थी और उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने दमिश्क में लड़ाई के अंतिम चरणों के दौरान सीरिया नहीं छोड़ा। बयान में कहा गया, "मैं दमिश्क में ही रहा और 8 दिसंबर 2024 की सुबह तक अपने कर्तव्यों का पालन करता रहा।" बयान के अनुसार, विपक्षी सेनाओं के दमिश्क में घुसने के बाद, असद तटीय शहर लताकिया में एक रूसी सैन्य अड्डे पर चले गए, जहाँ उन्होंने सैन्य अभियानों की निगरानी करने का इरादा जताया।