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सुखबीर बादल ने आम आदमी पार्टी पर लगाया आरोप, पंजाबियों के लिए योजनाओं की कमी की बात की

तरनतारन में एक रैली के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह लोगों को डराने के लिए पर्चे बांट रही है। उन्होंने पंजाबियों के लिए योजनाओं के बंद होने और नशे की समस्या पर चिंता जताई। बादल ने वादा किया कि यदि अकाली दल सत्ता में आता है, तो किसानों और सामाजिक कल्याण के लिए कई नई योजनाएं शुरू की जाएंगी।
 

सुखबीर बादल का आरोप

तरनतारन - शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह लोगों को डराने के लिए पर्चे बांटकर राजनीति कर रही है। पंजाब बचाओ अभियान के तहत आयोजित रैली में उन्होंने कहा कि आप सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने पंजाबियों के लिए क्या किया है।


योजनाओं का बंद होना

बादल ने यह भी कहा कि आप सरकार ने आटा-दाल, शगुन, सेवा केंद्र, छात्राओं को मुफ्त साइकिल और मुफ्त दवा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को बंद कर दिया है। इसके अलावा, उन्होंने अमृतसर के बीआरटीएस प्रोजेक्ट को बंद करने और नीलाम करने के निर्णय पर भी सवाल उठाए।


नशे की समस्या पर चिंता

आप के घर-घर अभियान पर टिप्पणी करते हुए बादल ने कहा कि लोगों को यह डराया जा रहा है कि अकाली दल के सत्ता में आने पर नशा बढ़ेगा और आप क्लीनिक बंद होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में नशे की समस्या पहले से ही गंभीर है और यदि अकाली दल सत्ता में आता है, तो किसानों, सामाजिक कल्याण और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई नई योजनाएं शुरू की जाएंगी।


भविष्य की योजनाएं

बादल ने वादा किया कि अकाली दल की सरकार बनने पर वंचित किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन, आटा-दाल योजना के तहत 50 किलो गेहूं, शगुन राशि एक लाख रुपये और वृद्धावस्था पेंशन 3,100 रुपये प्रति माह दी जाएगी। इसके अलावा, प्रत्येक जिला मुख्यालय पर मेडिकल और पशु चिकित्सा कॉलेज, युवा उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण, पशुपालन परियोजनाओं पर 75 प्रतिशत सब्सिडी और बेघरों को पांच मरला प्लॉट देने का भी आश्वासन दिया।


सरकारी नौकरियों का आश्वासन

उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी नौकरियां केवल पंजाबियों को दी जाएंगी, गांवों में लाल डोरा के तहत घरों की रजिस्ट्री की जाएगी और ब्यास-सतलुज के चैनलाइजेशन का कार्य भी किया जाएगा।


किसानों के मुआवजे की मांग

वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सीमा क्षेत्र के किसानों के मुआवजे में वृद्धि की मांग की। रैली में गुलजार सिंह रणीके, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, विरसा सिंह वल्टोहा और कंचनप्रीत कौर ने भी अपने विचार साझा किए।