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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत-अमेरिका व्यापार पर नई चुनौतियाँ

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के शुल्कों को रद्द करने के बाद, भारत-अमेरिका व्यापार पर नई चुनौतियाँ सामने आई हैं। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से अंतरिम व्यापार समझौते पर रोक लगाने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सरकार इस फैसले की समीक्षा करेगी। जानें इस मुद्दे पर और क्या प्रतिक्रियाएँ आई हैं।
 

महत्वपूर्ण प्रश्न: आयात करों का भविष्य

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लागू किए गए शुल्कों को रद्द कर दिया है, जिससे अब 175 बिलियन डॉलर के एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई है। अब सवाल यह है कि सरकार द्वारा पहले से वसूले गए आयात करों का क्या होगा, जिन्हें अब अवैध माना गया है। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति स्पष्ट होने पर आयातकों को अपने पैसे वापस मिलने की संभावना है। विंसन एंड एल्किंस लॉ फर्म के पार्टनर जॉयस अदेतुतु के अनुसार, यह एक चुनौतीपूर्ण समय होगा।


कांग्रेस की मांग: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रोक

कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रोक लगाने की मांग की

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले के बाद, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार से भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे पर तुरंत रोक लगाने का अनुरोध किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए रमेश ने कहा, "हम मांग करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार भारत-अमेरिका अंतरिम समझौते पर तुरंत रोक लगाए। कृषि उत्पादों के आयात उदारीकरण को समाप्त करने के लिए समझौते पर पुनर्विचार किया जाए।


केंद्र की प्रतिक्रिया: ट्रंप के टैरिफ रद्द करने पर

ट्रंप के टैरिफ रद्द करने पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केंद्र की प्रतिक्रिया

ट्रंप टैरिफ पर हालिया अपडेट में, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शनिवार को कहा कि केंद्र इस फैसले की समीक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय या विदेश मंत्रालय इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। जोशी ने कहा, "मैंने मीडिया में पढ़ा है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कुछ निर्णय लिया है और भारत सरकार इसका अध्ययन करेगी। जो भी प्रतिक्रिया देनी होगी, वह वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा दी जाएगी।