सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों की जांच के लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच का आदेश
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों से संबंधित विवाद की जांच अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति करेगी। अदालत ने समिति को पैलेट गन के उपयोग, महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित हिंसा, पुलिसकर्मियों की चोटों और संपत्ति के नुकसान जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया है।
जांच के लिए चार प्रमुख बिंदु
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि समिति को आपराधिक जांच या FIR दर्ज करने का अधिकार नहीं होगा। अदालत ने प्रारंभिक चरण में चार मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है। इन बिंदुओं में पैलेट गन के उपयोग के आरोप, महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न, पुलिसकर्मियों को लगी चोटें, और दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसा तथा संपत्ति को हुए नुकसान की जांच शामिल है। समिति इन आरोपों से संबंधित तथ्यों और सबूतों की जांच कर अपनी रिपोर्ट अदालत को प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट आगे की न्यायिक कार्रवाई पर विचार करेगा।
संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा
अदालत ने संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा पर भी जोर दिया है। ऐसे गवाहों के बयान और साक्ष्यों को गोपनीय रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि उनकी पहचान सार्वजनिक न हो सके। समिति आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी शिकायतें और दस्तावेज प्राप्त कर सकती है। अदालत ने समिति के कार्य में सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं को एमिकस क्यूरी की भूमिका भी सौंपी है।
नाबालिग प्रदर्शनकारी के मामले में पुलिस को निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 14 वर्षीय महिला प्रदर्शनकारी और उसके परिवार को कथित धमकी के मामले में दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पुलिस को आरोपों की जांच कर अगली सुनवाई पर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अदालत ने नाबालिग और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर उठे आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले में शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता बताई है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।