सुवेंदु अधिकारी ने विधायक प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजनीतिक जिम्मेदारी पर जोर दिया
मुख्यमंत्री का संबोधन
नई दिल्ली: कोलकाता के बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय विधायक प्रशिक्षण कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विकास, लोकतंत्र और राजनीतिक शालीनता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने नए विधायकों को जिम्मेदार जनप्रतिनिधि बनने का संदेश दिया और कहा कि राज्य के हित में सत्ता और विपक्ष दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। अपने भाषण में उन्होंने पूर्व सरकारों की कार्यशैली पर भी तीखा हमला किया, लेकिन राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
राजनीतिक दलों का सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की प्रगति तभी संभव है जब सभी राजनीतिक दल मतभेदों को भुलाकर राज्य के विकास के लिए एकजुट होकर काम करें। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र केवल सरकार से नहीं, बल्कि एक मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष से भी चलता है। उनके अनुसार, जनता ने सभी विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए चुना है, और हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है कि वह राज्य की उन्नति में सक्रिय योगदान दे।
पूर्व सरकारों की आलोचना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक राज्य में निर्णय सरकारी संस्थानों की बजाय राजनीतिक कार्यालयों से लिए जाते रहे। उन्होंने 34 वर्षों के शासन का उल्लेख करते हुए उस समय की आलोचना की। हालांकि, उन्होंने पिछले 15 वर्षों पर टिप्पणी करने से परहेज किया और कहा कि मुख्यमंत्री के पद की गरिमा को देखते हुए वे अपनी ही विधानसभा की आलोचना नहीं करना चाहते।
लोकतांत्रिक परंपराओं का महत्व
सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पहले विपक्ष के निर्वाचित प्रतिनिधियों को उचित सम्मान नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में सभी दलों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उनका दावा था कि पिछले वर्षों में विपक्ष के नेताओं को कई महत्वपूर्ण अवसरों से दूर रखा गया और कई बार सदन की कार्यवाही से पहले निलंबन जैसी घटनाएं भी हुईं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ बताया।
नए विधायकों के लिए संदेश
मुख्यमंत्री ने पहली बार विधानसभा पहुंचे विधायकों को सीखने और जनता के बीच सक्रिय रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन विकास के मुद्दों पर सभी को एकजुट होना चाहिए। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है और इसे फिर से अग्रणी बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने सहयोग और संवाद की संस्कृति को मजबूत करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम की सराहना
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर मुख्यमंत्री ने संसदीय सचिव और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से नए विधायकों को संसदीय कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा। अपने भाषण में उन्होंने बंगाल के इतिहास और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य की गरिमा और विकास राजनीति से ऊपर हैं।