सुवेंदु अधिकारी: बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय
सुवेंदु अधिकारी की जीत का महत्व
बंगाल की राजनीतिक परिदृश्य में सुवेंदु अधिकारी की हालिया सफलता केवल एक चुनावी आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह सियासत में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। 2007 के नंदीग्राम आंदोलन में ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाने में उनकी भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। किसी ने नहीं सोचा था कि टीएमसी का समर्थन करने वाला यह नेता अपनी ही पार्टी को कमजोर कर देगा। आज, वह उसी पार्टी के पतन का मुख्य कारण बन चुके हैं, जिसे उन्होंने खुद स्थापित किया था।
सुवेंदु की बगावत
चुनाव से लगभग पांच महीने पहले, 27 नवंबर 2020 को, बंगाल की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आया। ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी और परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका यह कदम टीएमसी के लिए एक बड़े झटके के समान था।
सुवेंदु को मनाने की कोशिश
उनके इस्तीफे के तुरंत बाद, पार्टी ने स्थिति को संभालने के लिए प्रयास शुरू किए। 1 दिसंबर की रात कोलकाता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुवेंदु, अभिषेक बनर्जी, सौगत रॉय और प्रशांत किशोर शामिल हुए। इस बैठक का उद्देश्य सुवेंदु को मनाना था।
सियासी संदेश का प्रभाव
अगली सुबह, सौगत रॉय ने कहा कि सब कुछ ठीक है और सुवेंदु पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं। लेकिन जल्द ही, सुवेंदु का एक वॉट्सऐप संदेश राजनीतिक हलचल का कारण बन गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी बनी हुई है और अब पार्टी के साथ आगे बढ़ना संभव नहीं है। इसके बाद, मेदिनीपुर कार्यालय से ममता के पोस्टर गायब होने लगे और भगवा रंग तेजी से फैलने लगा, जो बगावत का संकेत था।
पार्टी से विदाई
17 दिसंबर को, सुवेंदु अधिकारी ने आधिकारिक रूप से टीएमसी छोड़ने की घोषणा की। अगले दिन, उन्हें दिल्ली से जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली, जो इस बात का संकेत था कि उनकी नई राजनीतिक दिशा कुछ और है।
अमित शाह से आशीर्वाद
19 दिसंबर को मेदिनीपुर में एक विशाल रैली में, गृहमंत्री अमित शाह ने सुवेंदु को भाजपा का गमछा पहनाया। सुवेंदु ने अमित शाह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रमुख चुनावी नेता के रूप में उभरे।
मुख्यमंत्री बनने की संभावना
सुवेंदु के नेतृत्व में भाजपा ने बंगाल में अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। 2021 में, भाजपा ने 3 सीटों से बढ़कर 77 सीटों तक पहुंच गई। हाल ही में 2026 के चुनाव में, पार्टी ने 207 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया।
सीएम बनने की घोषणा
इस शानदार जीत के बाद, पार्टी पर्यवेक्षक अमित शाह ने सुवेंदु को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की। नंदीग्राम का यह प्रमुख आर्किटेक्ट अब राज्य की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक कुर्सी का हकदार बन चुका है।