सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया लोकतंत्र की जीत
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और वांगचुक की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली - केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, सोनम वांगचुक ने इसे लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण जीत के रूप में देखा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह जीत उन लोकतांत्रिक आंदोलनों की है जो सड़कों से उठे हैं, और यह शांति, धैर्य और निरंतर संघर्ष की विजय है।
वांगचुक ने अपनी पोस्ट में लिखा, "यह लोकतंत्र की जीत है... यह सीधे सड़कों से निकले प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत है। मैं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी), देश की जेन जी जेनरेशन और उन सभी नागरिकों को बधाई देता हूं, जिन्होंने डर के माहौल से ऊपर उठकर अपनी आवाज़ उठाई।" उन्होंने आगे कहा, "अब जवाबदेही के बाद सुधारों का समय है।" यह टिप्पणी उस समय आई है जब नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन चल रहे थे, जिसमें जंतर-मंतर पर भी सीजेपी के नेतृत्व में आंदोलन जारी था।
इससे पहले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि "राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।" उन्होंने एक्स पर एक विस्तृत संदेश में बताया कि वे पिछले चार दशकों से शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं और हमेशा युवाओं की आकांक्षाओं का सम्मान किया है। प्रधान ने स्वीकार किया कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताएं सामने आई थीं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने का निर्णय लिया।
उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में आयोजित की जाएगी। प्रधान ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और कभी पीछे नहीं हटे। उनका उद्देश्य था कि परीक्षा माफिया के कारण किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में जंतर-मंतर पर पिछले दस दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का है। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि देश की युवा शक्ति किसी भ्रम या राजनीतिक टकराव में उलझे।
प्रधान ने लिखा कि देश की एकता बनाए रखने और छात्रों के हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।