सोनिया गांधी और लालू यादव की मुलाकात: तीन दशकों का राजनीतिक रिश्ता फिर से जीवित
दिल्ली में राजनीतिक रिश्तों की पुनरावृत्ति
नई दिल्ली। आज दिल्ली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुलाकात ने पुराने राजनीतिक संबंधों की यादें ताजा कर दीं। सोनिया गांधी ने आरजेडी के प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव भी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य की जानकारी लेने पहुंचीं सोनिया गांधी
लालू प्रसाद यादव इस समय स्वास्थ्य देखभाल के लिए दिल्ली में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सोनिया गांधी उनकी बेटी और सांसद मीसा भारती के आवास पर गईं और लालू का हालचाल लिया। इस मुलाकात के बाद, लालू यादव ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा और इस दौरान पुरानी यादें ताजा हुईं।
UPA सरकार के दिनों की चर्चा
इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने UPA सरकार के समय की चर्चा की। लालू यादव ने मनरेगा, सूचना का अधिकार (RTI) और शिक्षा का अधिकार (RTE) जैसे महत्वपूर्ण कानूनों का उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में बिहार के विकास के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि की बात भी की।
तीन दशकों का राजनीतिक विश्वास
सोनिया गांधी और लालू यादव के बीच का राजनीतिक रिश्ता लगभग तीन दशकों से चर्चा का विषय रहा है। यह केवल गठबंधन की मजबूरी नहीं, बल्कि एक गहरा राजनीतिक विश्वास भी दर्शाता है। 2004 में UPA सरकार बनने के बाद, लालू यादव केंद्र में रेल मंत्री बने और आरजेडी कांग्रेस के प्रमुख सहयोगियों में से एक रही।
कठिन समय में भी साथ नहीं टूटा
हालांकि, सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर कई बार मतभेद सामने आए, लेकिन सोनिया गांधी और लालू यादव के बीच संबंध हमेशा मजबूत बने रहे। धर्मनिरपेक्ष राजनीति और बीजेपी के विरोध जैसे मुद्दों ने भी दोनों दलों को एकजुट रखा।
इसलिए, 2 नवंबर 2026 की यह मुलाकात केवल एक नेता का दूसरे से हालचाल पूछना नहीं, बल्कि कांग्रेस और आरजेडी के बीच के पुराने राजनीतिक रिश्ते की पुनः पुष्टि भी मानी जा रही है। तेजस्वी यादव ने भी कहा कि दोनों नेताओं के संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं और कठिन समय में उन्होंने एक-दूसरे का साथ दिया है।