सौरव दास: NEET आंदोलन में उभरे नए नेता और CJP के प्रवक्ता
जंतर-मंतर पर छात्रों के मुद्दों के लिए प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा से जुड़े पेपर लीक और छात्रों के मुद्दों पर हुए आंदोलन ने कई नए चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। इनमें से एक प्रमुख नाम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास का है। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ प्रदर्शन के दौरान, सौरव दास ने मीडिया के सामने अपनी बात रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसके परिणामस्वरूप, सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उनके बारे में जानने की जिज्ञासा बढ़ गई।
पत्रकारिता में कदम
सौरव दास की लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वे नई दिल्ली में एक स्वतंत्र खोजी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही, वे Climate Action Front के सह-संस्थापक भी हैं। उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य ध्यान कानून, शासन, न्यायपालिका, अपराध और पारदर्शिता जैसे विषयों पर रहा है। उन्होंने 2020 में सक्रिय पत्रकारिता की शुरुआत की, जबकि इससे पहले एक मीडिया संस्थान में इंटर्नशिप के माध्यम से पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की थी। इसके बाद, उन्होंने विभिन्न डिजिटल मीडिया संगठनों के साथ काम करने के बाद स्वतंत्र पत्रकारिता का मार्ग चुना।
शोध और RTI में विशेषज्ञता
सौरव दास ने पिछले कुछ वर्षों में कई शोध-आधारित रिपोर्ट तैयार की हैं, जिन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित प्रकाशनों में प्रकाशित किया गया है। उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) से संबंधित मामलों पर भी लगातार काम किया है। वर्तमान में, वे 'Complicit Silence: The Court's Role in India’s Quiet Suffering' नामक पुस्तक पर कार्य कर रहे हैं, जो भारतीय न्यायपालिका की भूमिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उसके प्रभाव को केंद्र में रखती है।
कोविड-19 के दौरान सक्रियता
कोविड-19 महामारी के दौरान, सौरव दास ने सार्वजनिक सूचना तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने महामारी से संबंधित अत्यावश्यक सूचना मामलों की अपीलों के निस्तारण में तेजी लाने का निर्णय लिया। इस पहल ने उन्हें पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर एक सक्रिय आवाज के रूप में पहचान दिलाई।
CJP के प्रवक्ता के रूप में नई जिम्मेदारी
NEET और छात्र मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा के बाद, सौरव दास CJP से जुड़े और जल्द ही पार्टी के प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल ली। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में, युवा चेहरों वाली इस राजनीतिक पहल में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई है। हाल ही में, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, उनका नाम देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के मीडिया में छा गया है।