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स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और भाजपा में विवाद

स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम के गायन को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने गायन को रोकने का प्रयास किया, जबकि कांग्रेस ने इसे खारिज किया है। जानें इस राजनीतिक बहस के पीछे की पूरी कहानी और कांग्रेस के ऐतिहासिक संदर्भ।
 

स्वतंत्रता दिवस का जश्न


नई दिल्ली: देश ने शनिवार को अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर पूरे देश में तिरंगा फहराया गया और विभिन्न राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए गए। कांग्रेस मुख्यालय में भी तिरंगा फहराने के बाद वंदे मातरम का गायन किया गया। हालांकि, इस गायन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है।


भाजपा का आरोप

भाजपा के नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने वंदे मातरम के गायन के दौरान इसे रोकने का प्रयास किया। भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया।


#WATCH | दिल्ली: कांग्रेस मुख्यालय में आज स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पूरा वंदे मातरम गाया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सीपीपी की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित अन्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे। pic.twitter.com/BOkL9lbvMQ

— मीडिया चैनल (@MediaChannel) 15 अगस्त 2026


क्या कहा गया?

भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी इस मामले में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के प्रारंभिक छंद गाए जाने के बाद सोनिया गांधी ने इसे रोकने का प्रयास किया। मालवीय ने राहुल गांधी पर भी इशारा करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने गीत को बंद कराने की कोशिश की।


कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस ने भाजपा के इन आरोपों को खारिज कर दिया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर वंदे मातरम को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम गाने की एक पुरानी परंपरा रही है।


जयराम रमेश ने बताया कि अक्टूबर 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में वंदे मातरम पर चर्चा हुई थी, जिसमें महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, चक्रवर्ती राजगोपालाचारी और पंडित नेहरू जैसे प्रमुख नेता शामिल थे। उन्होंने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर वंदे मातरम की शुरुआती पंक्तियों को कांग्रेस अधिवेशनों में गाने का निर्णय लिया गया था।


कांग्रेस नेता का बयान

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन के दौरान कोई व्यवधान नहीं हुआ। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस विवाद से इनकार किया है।


यह विवाद उस समय सामने आया है जब केंद्र सरकार स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम के गायन के लिए नए प्रोटोकॉल पर चर्चा कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी की परंपरा में वंदे मातरम का विशेष स्थान है।


भाजपा के आरोपों और कांग्रेस के उत्तर के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि कार्यक्रम में वंदे मातरम के दौरान कोई व्यवधान नहीं हुआ।