स्वामी प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव पर पलटवार: सीट बंटवारे पर उठाए सवाल
स्वामी प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया
स्वामी प्रसाद मौर्य और अखिलेश यादव: अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की उस टिप्पणी का जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मौर्य सीट बंटवारे में शामिल नहीं हो सकते। मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन खुद गठबंधन नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने सपा से सीट नहीं मांगी है, बल्कि उनकी बातचीत कांग्रेस से हुई है।
लखनऊ में शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जब अखिलेश यादव से मौर्य के इंडिया गठबंधन में शामिल होने के बारे में पूछा गया, तो वह नाराज हो गए। उन्होंने कहा, 'हमारी सीटों में शामिल नहीं हो सकते। अवॉयड करो, इग्नोर करो।' इस पर मौर्य ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'पहली बात तो वो (सपा) इंडिया गठबंधन की एक पार्टी हैं, अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन नहीं हैं... इंडिया गठबंधन के राष्ट्रीय संयोजक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी हैं। अंतिम निर्णय उनका होता है... ये कौन होते हैं हमें सर्टिफिकेट देने वाले और इनके कोटे सीट में मैंने टिकट मांगा ही नहीं... हम कांग्रेस से बात किए... हमारी बात राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गौतम जी से हुई है।'
अखिलेश पर तीखा हमला करते हुए मौर्य ने आगे कहा, 'अगर ये इतने ही लायक होते तो मैं उत्तर प्रदेश में रहकर इनसे बात करता, मुझे राहुल जी से बात करने का औचित्य क्या था?... ये पीडीए के दुश्मन नंबर एक हैं, ये हमें और चंद्रशेखर आजाद को नहीं चाहते तो किसको चाहते हैं- नाथवानी (धनराज परिमल नाथवानी) को। राज्यसभा में आजम खान की पत्नी को होना चाहिए था, जब वो आजम खान के नहीं हुए तो स्वामी प्रसाद मौर्य के क्या होंगे...'
यह ध्यान देने योग्य है कि यूपी के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने 3 अक्टूबर को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने 'अपनी जनता पार्टी' के विपक्षी इंडिया गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की थी और सीटों को लेकर बाद में चर्चा करने की बात कही थी। मौर्य ने राहुल गांधी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा भी जताई थी। इससे पहले मौर्य ने सपा के नेतृत्व पर समाजवादी विचारधारा से भटकने और उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था।