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हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचन प्राप्त किया है। उपचुनाव में उनके खिलाफ कोई अन्य उम्मीदवार नहीं था, क्योंकि दो अन्य उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए थे। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और कांग्रेस द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बारे में।
 

हरदीप सिंह पुरी का निर्विरोध निर्वाचन

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। गुरुवार को नाम वापस लेने की समयसीमा समाप्त होने के बाद उनके खिलाफ कोई अन्य उम्मीदवार नहीं था। दरअसल, उपचुनाव में नामांकन करने वाले दो अन्य उम्मीदवारों के पर्चे जांच के दौरान खारिज कर दिए गए थे। इस स्थिति में पुरी अकेले उम्मीदवार रह गए। मध्य प्रदेश विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने उन्हें निर्वाचन प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी उपस्थित थे।


निर्विरोध निर्वाचन की प्रक्रिया

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की खाली सीट पर उपचुनाव हो रहा था। हरदीप सिंह पुरी के अलावा राजकुमार लोहानी और कांते सयन्ना ने भी नामांकन भरा था। लेकिन, जांच के दौरान दोनों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। पांच नवंबर को दोपहर तीन बजे तक नाम वापस लेने की समयसीमा थी, और इस समय तक कोई अन्य उम्मीदवार नहीं होने के कारण पुरी को निर्विरोध चुना गया। इस प्रकार, इस सीट पर मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी।


उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने के कारण

रिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार, कांते सयन्ना का नामांकन आवश्यक प्रस्तावकों के हस्ताक्षर न होने के कारण खारिज हुआ। नियमों के अनुसार, उनके नामांकन के लिए विधानसभा के कम से कम 10 निर्वाचित सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक थे। वहीं, राजकुमार लोहानी का नामांकन आवश्यक फॉर्म-26 का शपथपत्र समय पर जमा न करने के कारण खारिज हुआ। उन्हें यह दस्तावेज दो नवंबर को दोपहर तीन बजे तक जमा करना था, लेकिन वह समय सीमा पूरी नहीं कर सके।


कांग्रेस की आपत्तियां

हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को भोपाल में अपना नामांकन भरा था। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और भाजपा के अन्य नेता मौजूद थे। तीन नवंबर को रिटर्निंग ऑफिसर ने पुरी के नामांकन को स्वीकार कर लिया। इससे पहले कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों ने उनके नामांकन पर आपत्तियां उठाई थीं, लेकिन जांच में ये आपत्तियां खारिज कर दी गईं।


खाली सीट का विवरण

यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने 14 अक्टूबर को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था। उनके इस्तीफे के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा, जिसमें भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया। नामांकन की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुरी का निर्विरोध चुना जाना सुनिश्चित हो गया।