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हरियाणा कांग्रेस में हड़कंप: विधायकों का धरना और गद्दारों की पहचान की मांग

हरियाणा कांग्रेस के विधायकों गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी ने पार्टी के खिलाफ धरना दिया, जिसमें उन्होंने गद्दारों के नाम छिपाने पर नाराजगी जताई। विधायकों का कहना है कि इससे उनकी राजनीतिक छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और विधायकों को निर्दोष बताया। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और पार्टी की प्रतिक्रिया।
 

चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायकों का धरना

चंडीगढ़ . हरियाणा कांग्रेस के मुख्यालय के बाहर बुधवार सुबह एक अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पार्टी के दो विधायक अपनी संगठनात्मक नीतियों के खिलाफ धरने पर बैठ गए। राज्यसभा चुनाव में हुई व्यापक क्रॉस वोटिंग के चलते गद्दारों के नाम छिपाने से नाराज विधायक गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी ने बैनर और पोस्टर लेकर पार्टी कार्यालय का घेराव किया। इन विधायकों ने स्पष्ट किया कि नामों के सार्वजनिक न होने के कारण उनके विधानसभा क्षेत्रों में जनता उन्हें संदेह की दृष्टि से देख रही है, जिससे उनके राजनीतिक करियर और मतदाताओं के विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।


गद्दारों के नाम छिपाने पर विधायकों का आक्रोश

हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पांच विधायकों ने खुलकर क्रॉस वोटिंग की थी, जबकि चार अन्य के वोट तकनीकी कारणों से रद्द कर दिए गए थे। चुनाव के नियमों के अनुसार, पोलिंग एजेंट को वोट दिखाना अनिवार्य होता है, इसलिए पार्टी के शीर्ष नेताओं को इन सभी 9 बागियों के असली नाम ज्ञात हैं। लेकिन नामों के सार्वजनिक न होने से ईमानदार विधायकों पर भी सवाल उठने लगे हैं। सुबह ठीक 10 बजे चंडीगढ़ मुख्यालय पहुंचे गोकुल सेतिया ने कहा कि पार्टी को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।


विधायकों की समस्याएं और पार्टी की प्रतिक्रिया

सेतिया ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वे एक निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और अपने क्षेत्र की जनता को जवाब देने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। अफवाहों के कारण उनका नाम भी चर्चा में आ रहा है, जिससे मतदाता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इसी संदर्भ में विधायक मंजू चौधरी ने पार्टी नेतृत्व को अल्टीमेटम देते हुए क्रॉस वोटिंग करने वाले सभी विधायकों की सूची तुरंत जारी करने की मांग की।


भूपेंद्र सिंह हुड्डा का हस्तक्षेप

पार्टी मुख्यालय पर विधायकों के धरने की सूचना मिलते ही नेता प्रतिपक्ष और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी को समझाकर धरने से उठाया। विधानसभा क्षेत्र में हो रही समस्याओं को सुलझाने के लिए हुड्डा ने मीडिया के सामने दोनों विधायकों को पूरी तरह से निर्दोष बताया।


हुड्डा का बयान और पार्टी की कार्रवाई

हुड्डा ने स्पष्ट किया कि गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी का वोट क्रॉस नहीं हुआ है और वे पार्टी के वफादार सदस्य हैं। पूर्व सीएम ने बागी विधायकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बताया कि जिन गद्दार नेताओं ने क्रॉस वोटिंग की है, उनके नाम और पूरी रिपोर्ट दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय को भेज दी गई है। आलाकमान जल्द ही इन चेहरों को बेनकाब कर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।