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हरियाणा बजट सत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच गरमागरम बहस

हरियाणा के बजट सत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने छछरौली गांव के निवासियों को मालिकाना हक देने की घोषणा की, जबकि कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ विधानसभा घेराव का ऐलान किया। सदन में हाउस अरेस्ट के आरोपों पर भी गरमागरम चर्चा हुई। इसके अलावा, आरआरटीएस कॉरिडोर को अंतिम मंजूरी मिली और बूचड़खानों के मुद्दे पर भी सवाल उठाए गए। जानें इस सत्र में और क्या हुआ।
 

मुख्यमंत्री ने छछरौली की आबादी को मालिकाना हक देने की घोषणा

बजट सत्र के दौरान, हरियाणा विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने छछरौली गांव के निवासियों को मालिकाना हक देने की घोषणा की। वहीं, कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ विधानसभा घेराव का ऐलान किया। इस दौरान सदन में हाउस अरेस्ट के आरोपों पर भी गरमागरम चर्चा हुई।


1887 से जमीन सरकार के मालिकाना हक में रही

मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि 1887 से संबंधित भूमि सरकार के स्वामित्व में रही है और पूरा क्षेत्र सरकारी भूमि पर बसा हुआ है। यहां कई पीढ़ियों से सैकड़ों परिवार निवास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2020 तक इन संपत्तियों की रजिस्ट्रियां होती रही हैं। अब विस्तृत सर्वेक्षण के आधार पर छछरौली के निवासियों को मालिकाना हक दिया जाएगा।


आरआरटीएस कॉरिडोर को मिली अंतिम मंजूरी

सैनी ने सदन में जानकारी दी कि गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा के बीच बनने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के अंतिम एलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना का 52 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में होगा, जो गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होकर फरीदाबाद होते हुए नोएडा तक जाएगा।


विधानसभा घेराव को लेकर धारा 163 लागू

कांग्रेस द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में विधानसभा घेराव के ऐलान पर चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-9 में धारा 163 लागू कर दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है।


बूचड़खानों पर उठे सवाल

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बूचड़खानों के मुद्दे पर सरकार से सवाल किया, जिस पर मंत्री महिपाल ढांडा के साथ उनकी तीखी बहस हुई। विधायक मामन खान ने कहा कि दो किलोमीटर के दायरे में आठ बूचड़खाने होने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।