हरियाणा में नई पावर कट नीति से उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
बिजली विभाग की नई नीति
चंडीगढ़, 11 अप्रैल। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली विभाग की समीक्षा बैठक में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नई पावर कट नीति लागू करने का निर्देश दिया है। अब अंबाला, हिसार, रोहतक और गुरुग्राम सहित सभी जिलों में बिजली कटौती का समय निर्धारित किया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनता को बिना किसी रुकावट के गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले। यदि निर्धारित समय से एक मिनट भी अधिक बिजली कटती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
मेंटेनेंस के दौरान बिजली कटौती पर रोक
मेंटेनेंस के नाम पर लंबी कटौती पर रोक
अक्सर देखा गया है कि मरम्मत के दौरान घंटों तक बिजली बंद रखी जाती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। अनिल विज ने विभाग को निर्देश दिया है कि मेंटेनेंस स्टाफ के पास सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण और ट्रांसफार्मर ट्रॉली उपलब्ध होनी चाहिए ताकि 'जीरो ब्रेकडाउन' सुनिश्चित किया जा सके। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सूचना तंत्र में किया गया है। अब बिजली कटने से पहले उपभोक्ताओं को सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा, ताकि लोग अचानक आने वाली समस्याओं से बच सकें।
सौर ऊर्जा का उपयोग और बिल बकायेदारों पर सख्ती
सोलर ऊर्जा और बिल बकायेदारों पर सख्ती
हरियाणा सरकार अब अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करने की योजना बना रही है। अगले एक साल में सभी सरकारी दफ्तरों और भवनों को सोलर पैनल से लैस करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही 'पीएम सूर्य घर योजना' के तहत आम नागरिकों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने का अभियान तेज किया जाएगा। दूसरी ओर, उन उपभोक्ताओं पर भी सख्ती बरती जाएगी जिन्होंने पुराने बिलों का भुगतान नहीं किया है और नए कनेक्शन ले लिए हैं। ऐसे मामलों की समीक्षा कर समय पर वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी में बिजली व्यवस्था को मजबूत करना
गर्मियों के लिए अभेद्य होगी बिजली व्यवस्था
भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए सरकार सप्लाई चेन को दुरुस्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। अनिल विज ने कहा कि गर्मियों में किसी भी स्थिति में लोड शेडिंग के कारण जनता को परेशान नहीं किया जाएगा। तकनीकी समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए विशेष टीमें तैनात की जाएंगी। यह नीति न केवल आम लोगों को राहत देगी, बल्कि उद्योगों और कृषि के लिए भी फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि बिजली की उपलब्धता से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।