हरियाणा में परीक्षा के दौरान धार्मिक प्रतीकों की अनुमति, महिलाओं और सिख छात्रों को राहत
हरियाणा में परीक्षा के लिए नई दिशा-निर्देश
चंडीगढ़. हरियाणा में सरकारी नौकरी और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। पहले परीक्षा केंद्रों पर गहने उतारने या धार्मिक प्रतीकों को लेकर विवाद उत्पन्न होता था।
हालांकि, अब हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसमें कहा गया है कि आस्था अब परीक्षा में बाधा नहीं बनेगी। विवाहित महिलाओं को मंगलसूत्र पहनने और सिख छात्रों को कृपाण लेकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई है।
हाई कोर्ट के निर्देशों के आधार पर नियमों में बदलाव
हाई कोर्ट के आदेश के बाद बदला नियम
यह निर्णय पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व निर्णयों के आधार पर लिया गया है। अदालतों ने पहले ही कहा था कि सुरक्षा के नाम पर किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जानी चाहिए। इसी संदर्भ में हरियाणा के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी भर्ती एजेंसियों, बोर्ड और विश्वविद्यालयों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
विवाहित महिलाओं के लिए नए नियम
विवाहित महिलाओं के लिए क्या है नियम
कई बार ऐसे मामले सामने आए थे जब विवाहित महिलाओं को परीक्षा केंद्रों पर मंगलसूत्र उतारने के लिए कहा जाता था, जिससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता था। नए आदेश के अनुसार, महिलाएं अब मंगलसूत्र पहनकर परीक्षा हॉल में जा सकेंगी।
हालांकि, इसके लिए एक शर्त है। मंगलसूत्र पहनकर आने वाली महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। यह समय इसलिए निर्धारित किया गया है ताकि सुरक्षा कर्मी उनकी चेकिंग प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा कर सकें और परीक्षा में कोई देरी न हो।
सिख छात्रों के लिए नियम
सिख छात्रों को माननी होंगी ये शर्तें
सरकार ने अमृतधारी सिख छात्रों को कृपाण पहनने की अनुमति दी है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर कुछ मानदंड भी निर्धारित किए गए हैं।
लंबाई: कृपाण की कुल लंबाई 9 इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ब्लेड: कृपाण का ब्लेड 6 इंच से अधिक लंबा नहीं होना चाहिए।
रिपोर्टिंग टाइम: कृपाण पहनने वाले छात्रों को परीक्षा शुरू होने से 1 घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। यदि वे देर से आते हैं, तो उन्हें प्रवेश से रोका जा सकता है।
अधिकारियों को दी गई ट्रेनिंग
अधिकारियों और स्टाफ को दी गई ट्रेनिंग
अक्सर देखा गया है कि जमीनी स्तर पर तैनात स्टाफ को नियमों की जानकारी नहीं होती और वे अपनी मनमानी करते हैं। इसलिए सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीन आने वाले सभी विभागों और परीक्षा केंद्रों तक यह आदेश पहुंचाएं। परीक्षा में तैनात पर्यवेक्षकों और पुलिस कर्मियों को भी इन नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि किसी भी छात्र के साथ अभद्र व्यवहार न हो।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और एचपीएससी (HPSC) की परीक्षाओं में लाखों युवा भाग लेते हैं। यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे छात्रों का मानसिक तनाव कम होगा। अब उन्हें परीक्षा के दिन अपनी धार्मिक पहचान और करियर में से किसी एक को चुनने की मजबूरी नहीं होगी। यह कदम प्रशासनिक अनुशासन और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच एक बेहतरीन संतुलन माना जा रहा है।