हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल: सरकार ने उठाए कड़े कदम
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी
- जरुरी सूचना! कल से 3 दिनों के लिए बिजली निगम के कर्मचारियों की हड़ताल!
- जिलाधीश ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सब स्टेशनों पर लागू की धारा 163!
- मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा सरकार कर्मचारियों के साथ, हड़ताल वापस लेने की अपील!
- प्रदेश में हाई लेवल कमेटी बनाई, हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए!
- गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस से बढ़ा रोष!
हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण को लेकर विवाद बढ़ गया है। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी 'इलेवन पावर' को बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के खिलाफ प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
इस हड़ताल का आह्वान 'हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा' द्वारा किया गया है, जिससे त्योहारी सीजन में आम जनता और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों की मांग है कि निजीकरण का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए, कच्चे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए और स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट्स पर रोक लगाई जाए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात समीक्षा बैठक की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह कर्मचारियों के साथ खड़ी है और HERC के इस निर्णय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों, जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक में कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) के आदेश के खिलाफ सरकार विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) में मजबूती से पैरवी करेगी।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि यदि बिजली यूनियनें चाहें, तो सरकार उनकी पसंद के वकीलों के माध्यम से भी अदालत में केस लड़ने को तैयार है। साथ ही, उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने और बातचीत की मेज पर आने की अपील की।
त्योहारी सीजन में बिजली आपूर्ति में कोई बाधा न आए, इसके लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है, जो सभी जिलों पर नजर रखेगी।
रेवाड़ी सहित कई संवेदनशील जिलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रेवाड़ी के डीसी अभिषेक मीणा ने जिले के सभी बिजली सब-स्टेशनों पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू कर दी है। एसपी हेमेंद्र मीणा ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और हड़ताल की आड़ में अव्यवस्था फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर:
- बिजली निगम टोल-फ्री नंबर: 1800-180-4334
- बिजली शिकायत नंबर: 1912
- जिला प्रशासन हेल्पलाइन: 01274-221111 / 224444
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और समस्याओं के समाधान के लिए केवल आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
फिलहाल, कल यानी 22 अक्टूबर से बिजली कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं, और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। अब देखना होगा कि कर्मचारियों के साथ बातचीत के बाद कोई समाधान निकलता है या नहीं!