हरियाणा में सड़क नेटवर्क का विस्तार: कैथल से यमुनानगर तक फोरलेन निर्माण
कैथल में सड़क परियोजनाओं का नया अध्याय
कैथल . हरियाणा सरकार सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर नई योजनाएं प्रस्तुत कर रही है। वित्त वर्ष 2026 के बजट में मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री नायब सैनी ने कैथल से कुरुक्षेत्र होते हुए यमुनानगर तक जाने वाली मुख्य सड़क को फोरलेन में परिवर्तित करने की घोषणा की है।
सड़क चौड़ीकरण की आवश्यकता
वर्तमान में यह मार्ग संकरा होने के कारण यहां ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है। कई बार जाम और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं भी होती हैं, इसलिए सड़क चौड़ी करने की योजना को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
MDR-119 और स्टेट हाईवे-6 का विकास
MDR-119 और स्टेट हाईवे-6 को किया जाएगा विकसित
कैथल-यमुनानगर फोरलेन परियोजना के अंतर्गत MDR-119 को कैथल से ढांड होते हुए कुरुक्षेत्र तक चौड़ा किया जाएगा। इसके बाद स्टेट हाईवे नंबर-6 को कुरुक्षेत्र से लाडवा और रादौर होते हुए यमुनानगर तक फोरलेन के रूप में विकसित किया जाएगा।
सड़क का महत्व
यह मार्ग आगे चलकर NH-152D, NH-44 और अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा। इससे हरियाणा के कई जिलों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा और लंबी दूरी की यात्रा भी सरल हो जाएगी।
व्यापार और परिवहन को लाभ
व्यापार और परिवहन को मिलेगा सीधा फायदा
सड़क चौड़ी होने से परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसाय को गति मिलने की संभावना है। किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए अपनी फसल और उत्पाद मंडियों या बाजारों तक जल्दी पहुंचाना आसान होगा।
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से उद्योग और निवेश के अवसर भी बढ़ सकते हैं, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।
यात्रियों के लिए राहत
हरिद्वार और उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को राहत
कैथल से यमुनानगर का यह मार्ग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालु अक्सर इसी रूट का उपयोग करते हैं।
सड़क के फोरलेन बनने से यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी। कैथल के साथ लगते पंजाब के कई क्षेत्रों के लोगों को भी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जाने में इसका सीधा लाभ मिलेगा।