हरियाणा विधानसभा की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए उठाए गए कदम
हरियाणा विधानसभा की नई दिशा
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी)- बजट सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने सदन में जानकारी साझा करते हुए बताया कि हाल के दौरों और आयोजनों का उद्देश्य विधायिका को अधिक प्रभावी और जनोन्मुख बनाना है।
हरियाणा विधानसभा को केवल कानून बनाने की जगह नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत मंच बनाने के लिए पिछले डेढ़ महीने में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। 5 जनवरी को उन्होंने केरल विधानसभा का दौरा किया, जहां उन्होंने विधायी कार्यप्रणाली और संसदीय परंपराओं का अध्ययन किया। यह यात्रा औपचारिक मुलाकात से अधिक, प्रक्रियागत सुधारों की संभावनाओं की खोज के लिए मानी जा रही है। 14 से 16 जनवरी तक नई दिल्ली में आयोजित 28वें राष्ट्रमंडल स्पीकर एवं पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में भी उनकी भागीदारी रही।
इस सम्मेलन का आयोजन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। यहां संसदीय नवाचार, पारदर्शिता और वैश्विक अनुभवों पर चर्चा की गई। कल्याण ने बताया कि इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य हरियाणा विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम और जनसंपर्क आधारित बनाना है।
युवा संसद: लोकतंत्र की नई पाठशाला
युवा संसद-2026
16-17 जनवरी को हरियाणा विधानसभा में ‘युवा संसद-2026’ का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को संसदीय प्रक्रियाओं से जोड़ना और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना था। यह पहल विधानसभा को नई पीढ़ी के लिए खुला मंच बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य की राजनीतिक चेतना को आकार देने का प्रयास करती है।
प्रक्रियागत मजबूती के लिए सम्मेलन
लखनऊ से मिली प्रक्रियागत मजबूती
19 से 21 जनवरी तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में भी उन्होंने भाग लिया। इस सम्मेलन में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य और योग पर ध्यान
स्वास्थ्य, योग और संस्थागत संस्कृति
22 जनवरी को हरियाणा विधानसभा और हरियाणा योग आयोग के सहयोग से ‘सूर्यनमस्कार अभियान-2026’ के तहत कर्मचारियों के लिए योग शिविर का आयोजन किया गया।
अंतरराष्ट्रीय संसदीय अवलोकन
ऑस्ट्रेलिया में संसदीय अवलोकन
राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन के पोस्ट-कॉन्फ्रेंस टूर के अंतर्गत ऑस्ट्रेलिया दौरे में प्रतिनिधिमंडल ने सिडनी और मेलबर्न के पार्लियामेंट का अवलोकन किया। इसके साथ ही पर्थ स्थित मुर्डक कृषि विश्वविद्यालय का भी दौरा किया गया।
गुजरात मॉडल का अध्ययन
गुजरात मॉडल का अध्ययन
11-12 फरवरी को गुजरात दौरे के दौरान बनास सहकारी डेयरी का अवलोकन किया गया और राज्यपाल आचार्य देवव्रत से प्राकृतिक खेती पर चर्चा की गई।