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हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के लिए 30 लाख रुपये की सहायता की घोषणा

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी कर्मचारियों के परिवारों के लिए 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। यह सहायता ग्रुप सी और ग्रुप डी श्रेणी के कर्मचारियों के लिए है, जो ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना का शिकार होते हैं। सहायता राशि को दो भागों में बांटा गया है, जिसमें मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री राहत कोष शामिल हैं। इस निर्णय का उद्देश्य कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संकट से बचाना है। जानें इस योजना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

मुख्यमंत्री ने दी बड़ी राहत

चंडीगढ़, 12 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा प्रदान की है। चंडीगढ़ से जारी हालिया आदेशों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना में जान गंवाने वाले ग्रुप सी (Group C) और ग्रुप डी (Group D) श्रेणी के कर्मचारियों के आश्रितों को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद, इस प्रस्ताव को तुरंत लागू कर दिया गया है। यह निर्णय उन हजारों कर्मचारियों के लिए सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन बनेगा, जो जोखिम भरे कार्यों या आपातकालीन सेवाओं में कार्यरत हैं।


30 लाख रुपये की सहायता कैसे मिलेगी

30 लाख रुपये की मदद का लाभ कैसे मिलेगा


सरकार ने इस वित्तीय सहायता को दो भागों में बांटा है। 'मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना' के तहत मृतक कर्मचारी के परिवार को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से 20 लाख रुपये की राशि भी प्रदान की जाएगी। इस प्रकार, कुल मिलाकर 30 लाख रुपये का यह सहयोग शोक संतप्त परिवार को सहारा देने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। हरियाणा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने स्पष्ट किया है कि भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होगी।


जल्द भुगतान के लिए अधिकारियों को निर्देश

अधिकारियों को जल्द भुगतान के सख्त निर्देश


मुख्यमंत्री कार्यालय ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी कानूनी औपचारिकताएं बिना किसी देरी के पूरी की जाएं। विभाग का उद्देश्य है कि दुख की इस घड़ी में कर्मचारी के परिवार को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाए। यह निर्णय विशेष रूप से फायर ब्रिगेड, बिजली निगम और पुलिस जैसे जोखिम भरे विभागों में काम करने वाले छोटे कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संकट से बचाने में सहायक होगा।