हर्षित राणा: पिता के प्रभाव से बल्लेबाजी में मिली सफलता
हर्षित राणा का क्रिकेट सफर
वडोदरा: भारतीय क्रिकेट टीम में तेज गेंदबाज हर्षित राणा को हाल ही में शामिल किया गया है। पिछले वर्ष में, इस दाएं हाथ के गेंदबाज ने सभी प्रारूपों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्हें गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी का भी मौका दिया गया है, जिसके लिए वे हेड कोच गौतम गंभीर को श्रेय देते हैं। हालांकि, राणा ने इस बात का खंडन किया है।
पिता का समर्थन
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में जीत के बाद, बीसीसीआई टीवी पर हर्षित राणा ने अपनी बल्लेबाजी के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उनकी बल्लेबाजी की शुरुआत करवाई थी और हमेशा इस पर ध्यान दिया है। उनका मानना है कि ऑलराउंडर्स को भारतीय टीम में जल्दी खेलने का अवसर मिलता है, इसलिए उन्होंने हमेशा गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी पर भी ध्यान केंद्रित किया है।
पिता से बातचीत का डर
राणा ने कहा कि उनके पिता हर मैच के बाद उनसे फोन पर बात करते हैं। उन्होंने साझा किया कि जब वह 20 रन पर आउट हुए, तो उन्हें डर था कि वह अपने पिता से कैसे बात करेंगे।
टीम में योगदान
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में, राणा ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 10 ओवर में 65 रन देकर 2 विकेट लिए और बल्लेबाजी में 23 गेंदों पर 29 रन बनाए।
टीम की रणनीति
प्रेस कॉन्फ्रेंस में, राणा ने कहा कि टीम उन्हें एक ऑलराउंडर के रूप में विकसित करना चाहती है, ताकि निचले क्रम में रनों की आवश्यकता होने पर वह योगदान दे सकें।
मैच का परिणाम
न्यूजीलैंड द्वारा निर्धारित 301 रन के लक्ष्य को भारतीय टीम ने 49 ओवर में 6 विकेट पर 306 रन बनाकर हासिल किया। इस मैच में विराट कोहली ने 93 रन बनाकर प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता।