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2026 राज्यसभा चुनाव: NDA की स्थिति में होगा बड़ा बदलाव, जानें क्या है संभावनाएं

2026 में होने वाले राज्यसभा चुनावों में 72 रिक्त सीटों के लिए मतदान महत्वपूर्ण बदलाव लाने की संभावना है। NDA की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है, जबकि कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जानें किस राज्य में कितनी सीटें रिक्त हैं और चुनाव के बाद क्या संभावनाएं बन रही हैं। विपक्षी दलों को अपने प्रभाव को बनाए रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
 

राज्यसभा चुनावों का महत्व


नई दिल्ली: वर्ष 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनावों में 72 रिक्त सीटों के लिए मतदान केंद्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की संभावना है। इन चुनावों के परिणाम न केवल सत्ताधारी भाजपा और NDA की ताकत को प्रभावित करेंगे, बल्कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के लिए भी यह एक चुनौती बन सकते हैं। वर्तमान विधानसभा की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए, NDA को राज्यसभा में और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।


NDA और भाजपा की स्थिति में सुधार

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यसभा में बड़े बदलाव की संभावना कम है, लेकिन भाजपा और उसके सहयोगी दलों को विधायी कार्यों में अधिक सहूलियत मिल सकती है। विपक्ष की रणनीतियों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।


वर्तमान में भाजपा के पास 103 और NDA के पास 126 सदस्य हैं। 2026 में भाजपा के 30 सांसदों का कार्यकाल समाप्त होगा, जबकि 32 नए सांसदों का चुनाव होना है। तेलुगु देशम, जनसेना, शिवसेना और एनसीपी के एक-एक सांसदों के जुड़ने से NDA की स्थिति और मजबूत होगी।


पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के रिटायर होने के बाद उनके स्थान पर भी सरकार समर्थक सदस्य चुने जाने की संभावना है, जिससे NDA का बहुमत और मजबूत हो सकता है।


वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल समाप्त

2026 में कई प्रमुख नेताओं का राज्यसभा में कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा, दिग्विजय सिंह, शरद पवार, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बी एल बर्मा, जॉर्ज कुरियन और अन्य शामिल हैं। उनके कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता पर असर पड़ सकता है।


राज्यों का चुनावी प्रभाव

72 रिक्त सीटों में सबसे अधिक 10 सीटें उत्तर प्रदेश में हैं, जहां भाजपा की आठ, सपा की एक और बसपा की एक सीट खाली हो रही है। चुनाव के बाद भाजपा सात और सपा दो सीटें जीत सकती है, जबकि बसपा का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व लगभग समाप्त होने का खतरा है।


  • अन्य राज्यों में स्थिति इस प्रकार है:
  • बिहार: 5 सीटें रिक्त, चुनाव के बाद जेडीयू और भाजपा को लाभ होगा।
  • झारखंड: 2 सीटें रिक्त, दोनों दलों को एक-एक सीट मिलने की संभावना।
  • आंध्र प्रदेश: 4 सीटें रिक्त, तेलुगु देशम को दो, भाजपा और जनसेना को एक-एक सीट मिलने का अनुमान।
  • महाराष्ट्र: 7 सीटें रिक्त, भाजपा की स्थिति मजबूत, राकांपा और शिवसेना को एक-एक सीट मिल सकती है।
  • पश्चिम बंगाल: 5 रिक्त सीटों में तृणमूल कांग्रेस को चार और भाजपा को एक सीट मिलने की संभावना।


इस प्रकार, विधानसभा के वर्तमान समीकरण और चुनावी रणनीति के आधार पर 2026 में NDA की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है, जबकि विपक्षी दलों को अपने प्रभाव को बनाए रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।