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21 साल बाद CBI ने पकड़ा फरार आरोपी, अवैध दूरसंचार के मामले में हुई गिरफ्तारी

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 21 वर्षों से फरार चल रहे सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी अवैध दूरसंचार विनिमय केंद्र के संचालन से जुड़ी है, जिसमें आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से टेलीफोन और इंटरनेट कनेक्शन प्राप्त किए थे। इस गतिविधि के कारण भारत सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ। जानें इस मामले की पूरी कहानी और आरोपी की गिरफ्तारी के पीछे की प्रक्रिया।
 

CBI की बड़ी कार्रवाई: 21 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार


नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए 21 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला अवैध दूरसंचार विनिमय केंद्र के संचालन और अंतरराष्ट्रीय कॉल को अवैध रूप से इंटरनेट के माध्यम से रूट करने से संबंधित है। आरोपी सुरेश कुमार पद्मिनी बिनी, जिसे बिनी एस.पी. के नाम से भी जाना जाता है, को 23 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम से पकड़ा गया।


2005 में दर्ज मामला और अवैध दूरसंचार एक्सचेंज का संचालन


सीबीआई के अनुसार, यह मामला 31 जनवरी 2005 को दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपी ने 2004-05 के दौरान के. सुनील के नाम से खुद को प्रस्तुत कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेलीफोन और इंटरनेट कनेक्शन प्राप्त किए। इसके बाद, कोच्चि के एसआरएम रोड पर किराए के स्थान से अवैध दूरसंचार एक्सचेंज का संचालन करते हुए, उसने आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल को अनधिकृत तरीके से इंटरनेट के माध्यम से रूट किया।


सरकार को राजस्व नुकसान और सुरक्षा निगरानी में बाधा


इस अवैध गतिविधि के कारण भारत सरकार को लगभग 12.69 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। इसके अलावा, इस अवैध टेलीकॉम हब के माध्यम से रूट की गई कॉल की निगरानी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा नहीं की जा सकी।


आरोपपत्र दाखिल होने के दो दशक बाद गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत


जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने 25 मार्च 2008 को आरोपपत्र दाखिल किया था, लेकिन आरोपी लगातार फरार रहा। लगभग दो दशकों बाद, सीबीआई की निरंतर जांच और निगरानी के चलते आरोपी का स्थान पता चला। गैर-जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तारी के बाद, उसे एर्नाकुलम की अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।