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AI तकनीक से स्तन कैंसर की जांच में नई उम्मीद, एम्स ने बीपीएल टेक्नोलॉजीज को सौंपा मॉडल

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली ने एक नई AI तकनीक विकसित की है, जो मैमोग्राफी जांच में रेडियोलॉजिस्ट की सहायता करेगी। इस तकनीक को बीपीएल टेक्नोलॉजीज को हस्तांतरित किया गया है, जिससे स्तन कैंसर की पहचान में सुधार की उम्मीद है। समारोह में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति में समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। यह पहल न केवल तकनीकी विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को भी प्रोत्साहित करेगी।
 

नई दिल्ली में तकनीकी हस्तांतरण का आयोजन


नई दिल्ली: स्तन रोगों की पहचान के लिए तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एम्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित मैमोग्राफी व्याख्या मॉडल को भारतीय स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी कंपनी बीपीएल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को सौंप दिया है। इस तकनीक के माध्यम से मैमोग्राफी परीक्षण की छवियों की व्याख्या में रेडियोलॉजिस्ट को सहायता मिलने की उम्मीद है। यह तकनीक हस्तांतरण समारोह एम्स नई दिल्ली में आयोजित किया गया।


समारोह में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति

इस समारोह में एम्स के निदेशक प्रो. निखिल टंडन और बीपीएल टेक्नोलॉजीज के मुख्य वित्तीय अधिकारी अजय जिंदल ने समझौतों का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर एम्स के एसोसिएट डीन (रिसर्च) प्रो. गोविंद मखारिया, आईपीआर सेल के प्रमुख प्रो. वेलपांडियन, रेडियोलॉजी विभाग की प्रोफेसर प्रो. स्मृति हरि और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृतिका रंगराजन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।


रेडियोलॉजिस्ट के लिए तकनीकी सहायता

विशेषज्ञों की कमी में बनेगा तकनीकी सहारा


यह एआई मॉडल विशेष रूप से उन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण साबित होगा, जहां स्तन इमेजिंग के विशेषज्ञों की कमी है। तकनीक के हस्तांतरण से इसके विकास, व्यापक सत्यापन और भविष्य में चिकित्सकीय उपयोग की संभावनाएं खुलती हैं।


शोध को चिकित्सकीय उपयोग में लाने की दिशा

शोध से अस्पताल तक पहुंचाने की दिशा में कदम


प्रो. निखिल टंडन ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में किए गए शोध को वास्तविक स्वास्थ्य जरूरतों से जोड़कर उपयोगी समाधान में बदलना आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पहल एम्स में विकसित होने वाली अन्य तकनीकों की शुरुआत करेगी और नवाचार तथा जैव-चिकित्सकीय शोध को चिकित्सकीय उपयोग तक पहुंचाने में मदद करेगी।


टीम के योगदान की सराहना

डॉ. कृतिका रंगराजन ने इस परियोजना में शामिल तकनीकी और शोध टीम के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने मशीन लर्निंग इंजीनियरिंग टीम और रेडियोलॉजिस्टों के योगदान को भी सराहा।


यह तकनीक वर्तमान में विकास और सत्यापन की प्रक्रिया में है। एम्स और बीपीएल टेक्नोलॉजीज के बीच यह सहयोग चिकित्सा अनुसंधान को आधुनिक एआई तकनीक के साथ जोड़कर भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नए रास्ते तैयार करने का प्रयास है।