कटिहार में भयानक सड़क हादसा: 10 की मौत, कई घायल
दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने कई परिवारों को प्रभावित किया
बिहार के कटिहार जिले में शनिवार को एक गंभीर सड़क दुर्घटना ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। एनएच-31 पर एक बस, ट्रक और पिकअप वैन के बीच हुई जोरदार टक्कर में कई लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा इतना भयानक था कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर चीख-पुकार मच गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जिससे स्थिति की गंभीरता स्पष्ट हो गई है।
भीषण टक्कर से मचा हड़कंप
कटिहार के कोढ़ा प्रखंड में बनगढ़ा चौक के पास यह दुर्घटना उस समय हुई जब तीनों वाहन आमने-सामने आ गए। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पिकअप वैन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह टूट गया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। सड़क पर बिखरे मलबे और घायल लोगों की स्थिति देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। यह दृश्य इतना भयावह था कि कई लोग सहम गए।
मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी
शुरुआत में इस दुर्घटना में सात लोगों की मौत की सूचना मिली थी, लेकिन कुछ ही समय में यह संख्या बढ़कर 10 हो गई। स्थानीय पुलिस के अनुसार, 25 से अधिक घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि घायलों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। अस्पतालों में डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों का इलाज कर रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू कर दिया गया। घायलों को तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। कटिहार के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दुर्घटना की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि हादसा किन कारणों से हुआ। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें और अफवाहों से दूर रहें।
नेताओं ने जताया शोक और अपील
इस दुखद घटना पर कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ा दिया है.