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तेज प्रताप यादव की पारिवारिक मुलाकात से बिहार की राजनीति में हलचल

बिहार की राजनीति में एक नई हलचल देखने को मिली है जब तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति पर अपने परिवार को दही-चूड़ा भोज के लिए आमंत्रित किया। इस निमंत्रण के बहाने उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव और भाई तेजस्वी यादव से मुलाकात की। यह घटनाक्रम उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों को जन्म दे रहा है। तेज प्रताप की यह पारिवारिक मुलाकात और सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरें राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं।
 

पटना में तेज प्रताप यादव की पारिवारिक मुलाकात


पटना: बिहार की राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर पारिवारिक मुलाकातों और सियासी संकेतों ने हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रीय जनता दल से निष्कासित तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति के अवसर पर अपने दही-चूड़ा भोज के लिए परिवार को आमंत्रित किया। इस निमंत्रण के माध्यम से उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी और भाई तेजस्वी यादव से मुलाकात की। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं।


10 सर्कुलर रोड पर पारिवारिक मुलाकात

मंगलवार को तेज प्रताप यादव पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित अपने बंगले पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पिता और मां से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आशीर्वाद लिया और पारिवारिक माहौल में कुछ समय बिताया। इसके साथ ही, उन्होंने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से भी बातचीत की, जो राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई।


दही-चूड़ा भोज का आयोजन

तेज प्रताप यादव मकर संक्रांति के अवसर पर अपने घर पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन कर रहे हैं। इसी कार्यक्रम के लिए उन्होंने अपने परिवार को औपचारिक निमंत्रण पत्र दिया। तेज प्रताप ने इस भोज को 'ऐतिहासिक दही-चूड़ा महाभोज' बताया और इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की, जहां उन्होंने पारिवारिक मुलाकात की तस्वीरें भी पोस्ट कीं।


सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय

अपने पोस्ट में तेज प्रताप यादव ने लिखा कि उन्होंने परिवार से मिलकर आशीर्वाद लिया और तेजस्वी यादव को व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम का निमंत्रण दिया। उन्होंने अपनी भतीजी कात्यायनी के साथ बिताए पलों का भी जिक्र किया। इस भावनात्मक संदेश ने समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा, जिससे कई तरह के कयास लगाए जाने लगे।




आरजेडी से निष्कासन और राजनीतिक संकेत

यह ध्यान देने योग्य है कि तेज प्रताप यादव को उनके 'अनुशासनहीन व्यवहार' और 'पारिवारिक मूल्यों के उल्लंघन' के कारण लालू यादव ने आरजेडी से निष्कासित कर दिया था। ऐसे में परिवार के साथ उनकी यह मुलाकात कई संकेत दे रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह कदम पार्टी में संभावित वापसी की दिशा में एक प्रयास हो सकता है।


बीजेपी नेताओं के साथ तेज प्रताप की उपस्थिति

दिलचस्प बात यह है कि तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता विजय कुमार सिन्हा द्वारा आयोजित दही-चूड़ा कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। एक दिन पहले ही तेज प्रताप ने विजय सिन्हा को अपने घर के कार्यक्रम का निमंत्रण दिया था, जिससे सियासी हलकों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं।