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नीतीश कुमार को MLC पद से इस्तीफा देने की समय सीमा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 30 मार्च तक विधान परिषद के सदस्य पद से इस्तीफा देना होगा, क्योंकि उनका राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होगा। इस बीच, वह मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रह सकते हैं। JDU के नेताओं ने संकेत दिया है कि नेतृत्व परिवर्तन में देरी हो सकती है। नई सरकार का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और अधिक जानकारी।
 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा


पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 30 मार्च तक विधान परिषद (MLC) के सदस्य के पद से इस्तीफा देना होगा। उनका राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 10 अप्रैल से प्रारंभ होगा। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहते हुए राज्यसभा सदस्य का पद भी संभाल सकते हैं।


संविधान के अनुसार, कोई भी राजनेता बिना राज्य विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य बने छह महीने तक मुख्यमंत्री रह सकता है। हालांकि, इस अवधि के भीतर उन्हें किसी एक विधायी सदन का सदस्य बनना आवश्यक है।


नीतीश कुमार को इस्तीफा कब देना है?

बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान 16 मार्च 2026 को हुआ था, और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए गए थे। नीतीश कुमार ने इस चुनाव में जीत हासिल की। नियमों के अनुसार, उन्हें 30 मार्च तक अपने MLC पद से इस्तीफा देना अनिवार्य है। NDA गठबंधन के उम्मीदवारों ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की है।


मुख्यमंत्री के रूप में कब तक रह सकते हैं नीतीश कुमार?

इसका अर्थ यह है कि MLC पद से इस्तीफा देने के बाद भी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रह सकते हैं। उनके पास सितंबर 2026 तक का समय है। यह देखना होगा कि वह इस विकल्प का उपयोग करते हैं या नहीं।


JDU के कई नेताओं ने यह संकेत दिया है कि बिहार में नेतृत्व परिवर्तन को कुछ समय के लिए टाला जा सकता है, जिससे नई सरकार के गठन में देरी हो सकती है।


नई सरकार का नेतृत्व कौन करेगा?

नई सरकार का नेतृत्व किसके द्वारा किया जाएगा, इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के अनुसार, नए मुख्यमंत्री के चयन में नीतीश कुमार की पसंद पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि नीतीश कुमार ने अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दौरान कई महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत दिए हैं।


उन्होंने बिहार के गृह मंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा और कहा कि भविष्य के प्रशासनिक मामलों की देखरेख सम्राट चौधरी करेंगे।