नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, बिहार में नई सरकार की तैयारी
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव
पटना: बिहार की राजनीतिक स्थिति में आज एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। नीतीश कुमार, जो लगभग 20 वर्षों तक राज्य की सत्ता में रहे, ने लोक भवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस कदम के साथ ही 'नीतीश युग' का औपचारिक अंत हो गया है। अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में सरकार बनाने का मार्ग पूरी तरह से खुल गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी को अब सत्ता की बागडोर सौंपी जा सकती है।
नीतीश कुमार का इस्तीफा और भविष्य की राजनीति
नीतीश कुमार ने इस्तीफा देने के दौरान एक संकेत दिया कि भविष्य की राजनीति किस दिशा में जा सकती है। वे अणे मार्ग से सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ एक ही गाड़ी में राजभवन पहुंचे। गाड़ी में विजय चौधरी आगे की सीट पर थे, जबकि नीतीश और सम्राट चौधरी पीछे बैठे थे। इस तस्वीर को बिहार के अगले मुख्यमंत्री की ताजपोशी का संकेत माना जा रहा है।
सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी का अगला मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच इस नाम पर सहमति बन गई है। इसकी औपचारिक घोषणा आज शाम तक की जा सकती है। 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होने की संभावना है, जिसमें नए मंत्रिमंडल का गठन भी होगा।
मंत्रिमंडल का संभावित स्वरूप
सूत्रों के अनुसार, नए मंत्रिमंडल में भाजपा कोटे से 11 मंत्री और जेडीयू कोटे से 9 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। अन्य सहयोगियों को भी मंत्री पद दिए जाने की संभावना है। भाजपा की ओर से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल और श्रेयसी सिंह के नाम चर्चा में हैं। जेडीयू की ओर से विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी और लेसी सिंह को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई अंतिम कैबिनेट बैठक में मौजूदा मंत्रिमंडल को भंग करने का निर्णय लिया गया। अब बिहार की नजरें आज शाम की उस आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो राज्य के भविष्य को नया आकार देगी।