बिहार में ठनका गिरने से 12 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने जताया दुख
बिहार में मौसम का अचानक बदलाव
मंगलवार को बिहार के विभिन्न जिलों में मौसम ने अचानक परिवर्तन किया, जिसके परिणामस्वरूप तेज बारिश के साथ ठनका गिरने की घटनाएं हुईं। इस दौरान बांका, लखीसराय और जमुई में 12 लोगों की जान चली गई, जबकि 9 अन्य लोग झुलस गए। मृतकों में कई महिलाएं शामिल हैं। नवादा के रजौली में भी तीन मजदूरों की बिजली गिरने से मौत हो गई।
मुख्यमंत्री का संवेदनशीलता भरा बयान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये का अनुदान दिया जाए।
बांका में हुई मौतें
बांका जिले में विभिन्न स्थानों पर ठनका गिरने से पांच लोगों की जान गई। चांदन के बोड़ा-सुईया गांव में धान रोपने गईं कुशामी देवी, रेणु देवी और रिंकू देवी की मौके पर ही मौत हो गई। उनके परिवार के दो बच्चे, 10 साल का सौरभ कुमार और 12 साल की रानी कुमारी, जो खाना लेकर जा रहे थे, भी बिजली की चपेट में आ गए। बताया गया है कि बारिश से बचने के लिए लोग एक ऊंची झाड़ी के नीचे खड़े थे, तभी अचानक ठनका गिर पड़ा। बौंसी के सिराय गांव में सुरेश यादव और सुफियाना खातून की भी जान चली गई।
लखीसराय और जमुई में भी ठनका गिरने की घटनाएं
लखीसराय के चानन क्षेत्र में धान रोपाई के दौरान बिजली गिरने से कोमल कुमारी और उनकी चाची रुदा देवी की मौत हो गई, जबकि धनवंती देवी झुलस गईं। संग्रामपुर के शिवडीह गांव में आंगनबाड़ी सहायिका अनुसूईया देवी की भी ठनका की चपेट में आने से जान चली गई। जमुई के सोनो प्रखंड में खेत में काम कर रही पूजा देवी और उनकी सास कविता देवी भी बिजली की चपेट में आ गईं। अस्पताल ले जाते समय पूजा देवी की मौत हो गई, जबकि कविता देवी का इलाज चल रहा है।
नवादा में प्रवासी मजदूरों की मौत
नवादा के रजौली थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव के पास धान की रोपनी कर रहे तीन प्रवासी मजदूरों की ठनका गिरने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान राजेंद्र कुमार, इंद्रजीत कुमार और मणी कुमार के रूप में हुई है। तीनों सीतामढ़ी के मधेशरा गांव के निवासी थे और मजदूरी के लिए रजौली आए थे। इस हादसे में दो से तीन अन्य मजदूर भी झुलसे हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।