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बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज

बिहार में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। एआईएमआईएम के अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और राजद के तेजस्वी यादव के बीच हुई मुलाकात ने नए कयासों को जन्म दिया है। विपक्ष एक साझा उम्मीदवार उतारने की योजना बना रहा है। तेजस्वी यादव ने चुनाव में अपनी जीत का भरोसा जताया है, जबकि एनडीए में भी हलचल तेज हो गई है। जानें इस सियासी घटनाक्रम के बारे में और अधिक जानकारी।
 

राज्यसभा चुनाव की तैयारी में जुटे नेता


पटना: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। गुरुवार को एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के बीच हुई मुलाकात ने नए राजनीतिक कयासों को जन्म दिया है। यह माना जा रहा है कि राजद के नेतृत्व वाला विपक्ष पांचवीं सीट के लिए एक साझा उम्मीदवार को उतारने की योजना बना रहा है, जिससे सत्ताधारी गठबंधन को चुनौती दी जा सके।


तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद, अख्तरुल ईमान ने मीडिया से बातचीत में सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम के उम्मीदवार को समर्थन देने के विकल्प पर विचार करने का आश्वासन दिया है। ईमान ने कहा, 'तेजस्वी जी ने हमें भरोसा दिलाया है। भविष्य में कई मुद्दों पर हमें एक-दूसरे के सहयोग की आवश्यकता होगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राजद आज उनके उम्मीदवार की मदद करता है, तो एआईएमआईएम भी भविष्य में उसी सहयोग के साथ समर्थन लौटाएगी।


राजद की रणनीति और संभावित उम्मीदवार

दूसरी ओर, तेजस्वी यादव ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि विपक्ष ने चुनाव के लिए अपनी तैयारी कर ली है। उन्होंने दावा किया, 'हम अपना उम्मीदवार उतारेंगे और सीट भी जीतेंगे।' सूत्रों के अनुसार, राजद जल्द ही अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेगा। उल्लेखनीय है कि राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना सहाब का नाम प्रस्तावित किया है, जो राजद के भीतर चर्चा का विषय बना हुआ है। वर्तमान में 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में राजद के पास 25 विधायक हैं।


एनडीए में भी गतिविधियाँ बढ़ीं

राज्यसभा की पांच सीटों में से दो-दो सीटें भाजपा और जदयू के पास जाती दिख रही हैं, लेकिन असली मुकाबला पांचवीं सीट पर है। जदयू की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी पूर्व नौकरशाह मनीष कुमार वर्मा का नाम चर्चा में है, जिन्हें हरिवंश की जगह उच्च सदन भेजा जा सकता है। वहीं, समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर के पुत्र रामनाथ ठाकुर की सीट बरकरार रहने की संभावना है। भाजपा के खेमे में भी कई नामों पर विचार चल रहा है। गुरुवार को भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की, जिसे उन्होंने एक 'शिष्टाचार भेंट' बताया, लेकिन इसके राजनीतिक मायने तलाशे जा रहे हैं।