बिहार में लालू यादव और राबड़ी देवी को मिली जेड श्रेणी सुरक्षा
बिहार में सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने दोनों नेताओं को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना और गृह मंत्रालय का पत्र अभी तक जारी नहीं हुआ है। यह सुरक्षा बहाली उस समय की गई है जब दोनों नेताओं की सुरक्षा और सरकारी आवास को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ चल रही थीं।
सूत्रों के अनुसार, जेड श्रेणी की सुरक्षा के तहत दोनों नेताओं के लिए 22 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। इस सुरक्षा व्यवस्था में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के प्रशिक्षित कर्मियों को भी शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही, वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एक एस्कॉर्ट वाहन भी उपलब्ध कराया जाएगा, जो काफिले के आगे या पीछे रहेगा। सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अलग-अलग शिफ्ट में चौबीसों घंटे की जाएगी।
राष्ट्रीय जनता दल का आरोप
राष्ट्रीय जनता दल ने क्या आरोप लगाया?
4 जून को लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की जेड प्लस सुरक्षा को हटाकर उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में एसएसजी सुरक्षा दी गई थी। उस समय दोनों नेताओं ने इस सुरक्षा व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया था। राष्ट्रीय जनता दल ने राज्य सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना का आरोप लगाया, जबकि भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड ने कहा कि यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर लिया गया था।
सुरक्षा विवाद के दौरान, लालू प्रसाद यादव बिना सुरक्षा के घर से बाहर भी नजर आए थे, जिससे राजनीतिक बयानबाजी हुई। अब जेड श्रेणी की सुरक्षा बहाल होने की खबर के बीच, लालू परिवार का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है और उन्हें इसकी जानकारी केवल मीडिया के माध्यम से मिली है।
आवास विवाद का समाधान
कब खाली हुआ आवास?
दूसरी ओर, लंबे समय से चल रहे आवास विवाद के बाद, राबड़ी देवी ने शुक्रवार को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली कर दिया। उन्होंने भवन निर्माण विभाग को बंगले की चाबी सौंपने के बाद लालू प्रसाद यादव के साथ कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहने का निर्णय लिया है। नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्हें 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया है, लेकिन उनका परिवार अभी तक वहां नहीं गया है।