बिहार में सम्राट चौधरी बने नए मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार का इस्तीफा
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव
पटना: बिहार की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है, जब नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद भाजपा के सम्राट चौधरी को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। मंगलवार को पटना में भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें आधिकारिक रूप से नेता के रूप में स्वीकार किया गया। सम्राट चौधरी बुधवार सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण करेंगे।
नई सरकार बनाने का दावा
नीतीश कुमार के जाने के बाद, सम्राट चौधरी राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। यह बिहार के इतिहास में पहली बार होगा जब भारतीय जनता पार्टी के नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे।
सत्ता के शिखर तक पहुंचने की कहानी
दिग्गजों को पीछे छोड़ कैसे पहुंचे सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर?
सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनने का सफर किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। उन्होंने 1990 के दशक में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से अपने करियर की शुरुआत की और राबड़ी देवी की सरकार में सबसे युवा मंत्री बने। हालांकि, उम्र विवाद के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद, वह जदयू में शामिल हुए और जीतन राम मांझी की कैबिनेट का हिस्सा बने। 2018 में भाजपा में शामिल होने के बाद, उन्होंने महज 8 वर्षों में पार्टी के कई पुराने नेताओं को पीछे छोड़ते हुए यह महत्वपूर्ण पद हासिल किया।
पारिवारिक विरासत और राजनीतिक पहचान
'बिहार के चौधरी' और पिता की विरासत
सम्राट चौधरी को राजनीति में विरासत मिली है। उनके पिता, शकुनी चौधरी, बिहार के प्रमुख ओबीसी नेताओं में से एक रहे हैं। हालांकि, सम्राट ने कभी आरएसएस की पाठशाला से शिक्षा नहीं ली, लेकिन भाजपा में उन्होंने अपनी कार्यशैली से खुद को 'बिहार के चौधरी' के रूप में स्थापित किया। पार्टी ने उनके कोइरी (कुशवाहा) समाज की राजनीतिक ताकत को देखते हुए 2023 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया और अब राज्य की कमान सौंप दी है।
नीतीश कुमार के विरोधी से उत्तराधिकारी तक
नीतीश के विरोधी से अब उनके उत्तराधिकारी तक
दिलचस्प बात यह है कि सम्राट चौधरी को हमेशा नीतीश कुमार का कट्टर विरोधी माना जाता रहा है। कहा जाता है कि वह उन नेताओं में से थे जिन्होंने नीतीश की एनडीए में वापसी का विरोध किया था। लेकिन अब समय ने ऐसा मोड़ लिया है कि सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के रूप में बिहार की कमान संभालने जा रहे हैं।