×

बिहार विधान परिषद चुनाव: प्रशांत किशोर का युवाओं के लिए रोजगार का वादा

बिहार विधान परिषद चुनावों में प्रशांत किशोर ने युवाओं के लिए रोजगार का वादा किया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जन सुराज पार्टी ने अपने प्रमुख उम्मीदवारों की घोषणा की है और चुनावी रणनीतियों पर काम कर रही है। एनडीए और महागठबंधन के बीच बढ़ती चुनौतियाँ और असहमति इस चुनाव को और भी दिलचस्प बना रही हैं। जानें इस चुनावी मुकाबले की पूरी कहानी।
 

बिहार में चुनावी हलचल तेज

पटना: बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक सीटों पर होने वाले चुनावों की तैयारी जोरों पर है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। इस बीच, जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसने एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए चिंता का विषय बना दिया है। चुनावी मैदान में उतरते ही उन्होंने युवाओं के लिए एक आकर्षक वादा किया है।


नौकरी का वादा चुनावी रणनीति

जन सुराज ने विधान परिषद चुनाव के लिए अपने पांच प्रमुख उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जबकि तीन सीटों पर नाम जल्द ही सामने आएंगे। प्रत्याशियों की घोषणा के साथ, प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस सीट पर उनका उम्मीदवार जीत हासिल करेगा, वहां 10,000 शिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदान किया जाएगा। यह घोषणा सीधे तौर पर युवा और शिक्षक मतदाताओं को आकर्षित कर रही है।


उम्मीदवारों की सूची

पार्टी ने पटना शिक्षक सीट से दिव्य ज्योति और सारण शिक्षक सीट से अफाक अहमद को मैदान में उतारा है। इसके अलावा, कोशी स्नातक सीट से रजनीश रंजन, दरभंगा शिक्षक सीट से सुरेश राय और दरभंगा स्नातक सीट से रवींद्र कुमार यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। बाकी तीन सीटों के उम्मीदवारों के नाम अगले चार दिनों में तय किए जाएंगे, जिससे यह स्पष्ट है कि पार्टी सभी आठ सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी।


एनडीए में बढ़ती चुनौतियाँ

चुनाव से पहले एनडीए के भीतर की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। पटना स्नातक सीट पर तीन बार से जेडीयू विधायक नीरज कुमार का कब्जा रहा है, लेकिन बाहुबली अनंत सिंह द्वारा निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन मिलने से स्थिति जटिल हो गई है। गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच चल रही जुबानी जंग ने विपक्ष को हमले का मौका दे दिया है।


महागठबंधन में असहमति

विपक्ष के खेमे में भी स्थिति ठीक नहीं है। महागठबंधन के अंदर सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों को लेकर असहमति बढ़ रही है। राष्ट्रीय जनता दल द्वारा एकतरफा प्रत्याशियों की सूची जारी करने से कांग्रेस के शीर्ष नेता नाराज हैं। ऐसे समय में प्रशांत किशोर की जन सुराज की एंट्री ने इस बहुकोणीय मुकाबले को और भी कठिन और अनिश्चित बना दिया है।