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बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में विकास के लिए 29 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

बिहार सरकार ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में 29 महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें सोमनाथ यात्रा योजना, नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना, और बस अड्डों का आधुनिकीकरण शामिल हैं। इस बैठक में ग्रामीण विकास के लिए वित्तीय सहायता और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। जानें इस बैठक के प्रमुख निर्णयों के बारे में और कैसे ये योजनाएं राज्य के विकास में योगदान करेंगी।
 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण निर्णय


पटना: बिहार सरकार ने बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई जनहित और विकास से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण विकास और औद्योगिक निवेश से जुड़े कुल 29 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। कैबिनेट के निर्णयों में श्रद्धालुओं के लिए सोमनाथ यात्रा योजना, नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना, बस अड्डों का आधुनिकीकरण और पंचायतों को वित्तीय सहायता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।


सोमनाथ यात्रा योजना का शुभारंभ

बिहार सरकार 1100 श्रद्धालुओं को अपने खर्च पर गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की यात्रा कराएगी। इस योजना के लिए ढाई करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर 20 जुलाई 2026 से दो दिवसीय यात्रा का आयोजन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं को विशेष सुविधाएं प्राप्त होंगी।


बस अड्डों का आधुनिकीकरण

राज्य के 31 बस अड्डों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के अधीन संचालित इन बस स्टैंडों का विकास पीपीपी मॉडल के तहत किया जाएगा। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।


शिक्षा क्षेत्र में नई पहल

पूर्णिया, राजगीर, मधेपुरा, मधुबनी और शेखपुरा में पांच नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार इन विद्यालयों के लिए जमीन केंद्र सरकार को 30 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराएगी। शिक्षा के क्षेत्र में इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।


पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता

कैबिनेट ने 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत मिलने वाले अनुदान के वितरण को भी मंजूरी दी। अगले चार वर्षों में केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाले 51 हजार 923 करोड़ रुपये त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के बीच वितरित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण विकास योजनाओं को गति मिलने और स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।


अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

बैठक में सुपौल के बीरपुर एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त 29 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। पटना चिड़ियाघर में 23 नए पदों के सृजन को स्वीकृति मिली। इसके अलावा, बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 की अवधि बढ़ाने, पटना नगर निगम को निगम बॉंड जारी करने और गया जिले में फोरलेन सड़क निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इन निर्णयों को राज्य के विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।