मधुबनी में पांच बच्चों की डूबने से हुई मौत, गांव में शोक का माहौल
मधुबनी में दिल दहला देने वाली घटना
मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में एक दुखद घटना सामने आई है। बुधवार को बिस्फी के पतौना थाना क्षेत्र के केरवार गांव में पांच बच्चों की असामयिक मृत्यु हो गई। गर्मी से राहत पाने के लिए ये बच्चे गांव के पास स्थित एक गहरे गड्ढे में स्नान करने गए थे। इस हादसे ने पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा दिया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
बच्चों की मौत की जानकारी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, तीन बच्चों ने पानी में ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सभी मृतक बच्चे गांव के निवासी थे, जिनकी उम्र 10 से 15 वर्ष के बीच थी।
मृतकों की पहचान
इस दुखद घटना में शामिल बच्चों में दो लड़कियां और तीन लड़के थे। मृतकों की पहचान ललित पंडित की 12 वर्षीय बेटी सलोनी कुमारी, छोटे पंडित के 15 वर्षीय बेटे अभिषेक, दिनेश पंडित के 13 वर्षीय बेटे प्रशांत, 10 वर्षीय रिंकु कुमार और नुनु पंडित की 12 वर्षीय बेटी स्नेहा कुमारी के रूप में हुई है। इस घटना ने दिनेश पंडित के परिवार पर गहरा दुख छा दिया है।
घटनास्थल पर भीड़ और पुलिस की कार्रवाई
बिहार के मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड अंतर्गत खेरवार गांव में JCB से बने गड्ढे में स्नान के दौरान डूबने से 5 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। pic.twitter.com/5rV9TdQhcx
— Abhinav Rajput (@AbhinavOffcial) June 3, 2026
घटना के बाद चीख-पुकार मच गई और सैकड़ों ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। बिस्फी थाना पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। सभी बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेजा गया। प्रशासन इस मामले की जांच में जुट गया है।
बचाने के प्रयास में डूबे बच्चे
गांव के गवाहों ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण बच्चे दोपहर में नहाने गए थे। एक बच्चे के अचानक गहरे पानी में गिरने पर अन्य बच्चों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गड्ढा बहुत गहरा था, जिससे सभी बच्चे एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में डूब गए।
अवैध खनन पर ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों ने इस घटना के लिए जमीन मालिक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि एक निजी भूमि पर अवैध खनन के लिए जेसीबी से गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसके चारों ओर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।