मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भागलपुर दौरा: बाढ़ राहत शिविर में स्थानीय बोली का जादू
भागलपुर में बाढ़ राहत शिविर का माहौल
भागलपुर: बुधवार को बरारी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में बाढ़ राहत शिविर का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहुंचकर एक अनोखा माहौल बनाया। उन्होंने औपचारिकता को छोड़ते हुए स्थानीय अंगिका भाषा में संवाद शुरू किया, जिससे शिविर में उपस्थित बाढ़ पीड़ित परिवारों के चेहरे पर खुशी आ गई।
सीएम का बच्चों से संवाद
मुख्यमंत्री ने शिविर में प्रवेश करते ही बुजुर्गों और अन्य नागरिकों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इसके बाद, उन्होंने नन्हीं बच्चियों के साथ बातचीत करते हुए पूछा, 'क्या कोई दिक्कत है? क्या मन लग रहा है? खाना-पीना ठीक से मिल रहा है?' बच्चियों ने मुस्कुराते हुए शिविर की व्यवस्थाओं की तारीफ की।
मुख्यमंत्री का संवेदनशीलता भरा दौरा
मुख्यमंत्री ने बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के बीच बैठकर भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने बुजुर्गों से पूछा कि क्या उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन मिल रहा है। अधिकांश लोगों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में रह रहे सभी व्यक्तियों की चिकित्सा, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं में कोई कमी न हो।
इस दौरान, बाढ़ प्रभावित लोगों ने मुख्यमंत्री से स्थायी समाधान की मांग की। उन्होंने बताया कि हर साल बाढ़ से उनका जीवन प्रभावित होता है। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना और अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
सम्राट चौधरी का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं था। स्थानीय भाषा में बात करके उन्होंने पीड़ितों के दिलों में जगह बनाने की कोशिश की। शिविर में एक आत्मीय और भावुक माहौल बना रहा, और लोग खुश थे कि मुख्यमंत्री उनकी बोली में उनसे संवाद कर रहे हैं।