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मोतिहारी में नाबालिग के यौन शोषण के मामले में युवक को 20 साल की सजा

बिहार के मोतिहारी में एक युवक को नाबालिग लड़की के यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई है। अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए ₹80,000 का जुर्माना भी लगाया। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता घर से गायब हुई और बाद में पुलिस ने उसे बरामद किया। जानें इस मामले की पूरी कहानी और अदालत के फैसले के बारे में।
 

मोतिहारी में कोर्ट का फैसला


मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी जिले में एक न्यायालय ने एक युवक को एक नाबालिग लड़की को अपने कमरे में बंधक बनाकर रखने और उसके साथ बार-बार यौन शोषण करने के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने किशोरी के अपहरण और बलात्कार के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया। इसके साथ ही, उसे ₹80,000 का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे न चुकाने पर उसे अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।


दोषी भुलन साहनी है, जो मुफस्सिल लखौरा पुलिस थाना क्षेत्र के बहरी गांव का निवासी है। पीड़िता के पिता ने 2022 में इस मामले की रिपोर्ट मुफस्सिल लखौरा पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 29 मई 2022 को उनकी नाबालिग बेटी घर से बाहर गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।


काफी खोजबीन के बाद, 4 जून 2022 को शिकायतकर्ता की बहन को एक फोन आया, जिसमें बताया गया कि उसकी भतीजी दिल्ली में लाल किले के पास एक व्यक्ति के पास है।


लड़की की बरामदगी की प्रक्रिया

कैसे हुई लड़की बरामद?


इस सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी की मां को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। जब आरोपी को पता चला कि उसकी मां पुलिस की गिरफ्त में है, तो उसने अपहृत किशोरी को लखौरा गांधी चौक पर लाकर छोड़ दिया। बाद में पुलिस ने लड़की को वहीं से बरामद किया और उसे न्यायालय में पेश किया।


पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 29 मई 2022 की रात लगभग 8:00 बजे अपनी बहन के साथ झगड़ा होने के बाद वह घर से बाहर निकल गई थी। नौरंगिया गांव की ओर जाते समय आरोपी मदद के बहाने उसके पास आया और उसे अपने घर ले गया। वहां से वह उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया, जहां उसने उसे एक कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ लगातार यौन उत्पीड़न किया।


मामले का खुलासा

कैसे हुआ मामले का खुलासा?


उसी गांव का एक युवक भी उस लड़की के साथ लापता हो गया था। इसी संदेह के आधार पर पुलिस ने आरोपी की मां को हिरासत में लिया। जब पुलिस ने उसकी मां को पकड़ा, तो आरोपी ने पीड़िता को छोड़ दिया, लेकिन उसे जाने देने से पहले उसने उसके साथ बार-बार बलात्कार किया।


POCSO मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पुष्पा दुबे ने अदालत में नौ गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने भुलन साहनी को दोषी ठहराया और उसे कठोर सजा सुनाई।