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सुपौल में स्कूल के बाहर नशा करने वालों को टोकना युवक को पड़ा भारी

बिहार के सुपौल जिले में एक युवक ने स्कूल के बाहर स्मैक पी रहे युवकों को टोकने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप उसे गोली मार दी गई। यह घटना किसनपुर में हुई, जहां बलवंत कुमार नामक युवक ने नशा करने वालों को मना किया था। इसके बाद बदमाशों ने उसके घर जाकर उस पर हमला किया। बलवंत की स्थिति गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने पूरे गांव में डर और तनाव का माहौल बना दिया है।
 

सुपौल में हुई गोलीबारी की घटना


बिहार के सुपौल जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। यहां एक युवक ने स्कूल के बाहर स्मैक पी रहे युवकों को रोका, जिसके बाद बदमाशों ने उसके घर जाकर गोली मार दी। इस घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग नशा करने वाले युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह मामला किसनपुर का है, जहां घायल युवक की पहचान बलवंत कुमार के रूप में हुई है। वह वकील दिनेश प्रसाद यादव का बेटा है। परिवार के अनुसार, बलवंत ने केवल यह कहा था कि स्कूल के बाहर नशा न करें, लेकिन इस पर कुछ युवकों ने गुस्से में आकर गोली चला दी।


स्कूल के पास नशा कर रहे थे युवक

परिवार के सदस्यों के अनुसार, शिवपुरी पुनर्वास स्थित एक विद्यालय के पास चार से पांच युवक स्मैक का सेवन कर रहे थे। बलवंत कुमार ने वहां पहुंचकर उन्हें नशा करने से मना किया और कहा कि इस तरह की हरकतें बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। उनकी इस बात पर युवकों के साथ बहस शुरू हो गई। हालांकि, आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कर दिया। सभी लोग अपने-अपने घर लौट गए, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह विवाद कुछ ही समय में हिंसक रूप ले लेगा।


घर पर हमला

सूत्रों के अनुसार, विवाद के बाद बलवंत कुमार अपने घर लौटकर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान, दो बाइक पर सवार पांच युवक उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने फिर से बहस शुरू की और मामला तेजी से हिंसक हो गया। एक युवक ने अचानक पिस्तौल निकालकर बलवंत पर गोली चला दी, जो उनके बाएं हाथ में लगी और वह वहीं गिर पड़े। गोली चलने की आवाज सुनकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल युवक को अस्पताल ले गए।


युवक की गंभीर स्थिति

घायल बलवंत कुमार को पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। लेकिन उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र में रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, गोली अभी भी युवक की बांह में फंसी हुई है।